कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर यूक्रेनी हमला: अराघची ने लावरोव से की बात, जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रविवार, 27 जुलाई को फोन पर हुई बातचीत में कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर यूक्रेन के हमले की कड़ी निंदा की। ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, अराघची ने स्पष्ट किया कि इस हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा।
हमले का विवरण
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हमला शनिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 3:00 बजे हुआ। हमले में जहाज में विस्फोट हुआ और एक नाविक की मौत हो गई। ईरान ने हमले के विरोध में तेहरान में यूक्रेन के चार्ज डी' अफेयर्स को तलब कर औपचारिक विरोध पत्र सौंपा।
अराघची की कड़ी प्रतिक्रिया
अराघची ने यूक्रेन के इस कदम को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का 'साफ उल्लंघन' और 'खतरनाक कार्रवाई' करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की पूरी तरह से रक्षा करेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अराघची ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने इज़रायल के कहने पर यूएन चार्टर का उल्लंघन करते हुए यूरोप को अपनी लड़ाई में घसीटने का आदेश दिया।
लावरोव का रुख
रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने भी इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और इसे रूस व ईरान के बीच व्यापार मार्गों के लिए गंभीर खतरा करार दिया। दोनों मंत्रियों ने अमेरिका द्वारा 'वादे तोड़ने और होर्मुज स्ट्रेट पर असुरक्षा थोपने' के बाद उत्पन्न क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की।
यूरोपीय संघ से भी संपर्क
अराघची ने शनिवार को यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ भी फोन पर बात की। उन्होंने यूक्रेनी हमले की निंदा करते हुए यूएन सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हमले के जिम्मेदार लोगों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराने की माँग की। दोनों पक्षों ने होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति और क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक पहल की आवश्यकता पर भी सहमति जताई।
आगे क्या होगा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया और कैस्पियन क्षेत्र में तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी और रूस की कड़ी प्रतिक्रिया से यह संकेत मिलता है कि यह घटना यूक्रेन संघर्ष को एक नए भौगोलिक आयाम में ले जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं।