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क्या 16वां ईयू-भारत समिट सुरक्षा और तकनीक के मुद्दों पर नई दिशा देगा?

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क्या 16वां ईयू-भारत समिट सुरक्षा और तकनीक के मुद्दों पर नई दिशा देगा?

सारांश

क्या १६वां ईयू-भारत समिट वैश्विक मुद्दों पर नई दिशा तय करेगा? इस समिट में सुरक्षा, तकनीक, और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। जानिए इस समिट की खास बातें और मोदी सरकार की प्राथमिकताएं।

मुख्य बातें

ईयू-भारत समिट का आयोजन २७ जनवरी को होगा।
यूरोपीय संघ के प्रमुख नेता शामिल होंगे।
सुरक्षा और तकनीक पर चर्चा की जाएगी।
बिजनेस और एफटीए पर विचार किया जाएगा।
गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन नई दिल्ली में होने वाले १६वें ईयू-भारत समिट का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट की मेज़बानी २७ जनवरी को करेंगे।

एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि भारत, ईयू का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। हम सभी का साझा लक्ष्य, नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखना है।

यह समिट ईयू-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा, जिसमें व्यापार, सुरक्षा, रक्षा, क्लीन ट्रांजिशन और लोगों के बीच सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया जाएगा। कोस्टा और वॉन डेर लेयेन २६ जनवरी को भारत के ७७वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे।

समिट में दोनों पक्ष एक संयुक्त ईयू-भारत व्यापक रणनीतिक एजेंडा पर चर्चा कर सकते हैं, जिसका उद्देश्य चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है, जिसे विभिन्न स्तंभों से मजबूत किया जाएगा।

इन क्षेत्रों में समृद्धि और स्थिरता, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दे शामिल होंगे। इसके अलावा, एफटीए पर भी अंतिम चरण की चर्चा की जा सकती है, जो २००७ में शुरू हुआ और २०२२ में फिर से शुरू किया गया। यह द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देगा।

इसके अतिरिक्त, यह समिट सुरक्षा और रक्षा मुद्दों पर ईयू और भारत के बीच घनिष्ठ सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित कर सकता है। क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक मुद्दों, जैसे एक प्रभावी बहुपरक प्रणाली, एक स्वतंत्र और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध, और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि ईयू-भारत समिट केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक अवसर नहीं है, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत की बढ़ती भूमिका और जिम्मेदारी इस समिट में स्पष्ट हो जाएगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईयू-भारत समिट कब हो रहा है?
१६वां ईयू-भारत समिट २७ जनवरी को नई दिल्ली में होगा।
इस समिट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस समिट का उद्देश्य ईयू-भारत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और व्यापार, सुरक्षा, रक्षा, और तकनीक पर चर्चा करना है।
कौन-कौन से नेता इस समिट में शामिल होंगे?
एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन जैसे प्रमुख नेता इस समिट में शामिल होंगे।
क्या इस समिट में एफटीए पर चर्चा होगी?
हाँ, इस समिट में एफटीए पर अंतिम चरण की चर्चा की जा सकती है।
क्या समिट में वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी?
जी हाँ, इस समिट में वैश्विक मुद्दों, जैसे यूक्रेन का युद्ध और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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