चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग की पुतिन से सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात, SCO-ब्रिक्स सहयोग पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 21 अक्टूबर 2026 को सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब वैश्विक स्तर पर एकतरफावाद और शक्तिशाली देशों के दबदबे को लेकर तनाव बढ़ रहा है। दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
ली छ्यांग का बयान: स्थिरता की 'अनमोल शक्ति'
ली छ्यांग ने वार्ता में कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कठिन बदलावों के बीच चीन और रूस के बीच घनिष्ठ संबंध वैश्विक स्थिरता के लिए एक अनमोल शक्ति हैं। उन्होंने रूस के साथ रणनीतिक संपर्क मजबूत करने, आपसी राजनीतिक विश्वास बढ़ाने और व्यापक पारस्परिक लाभ वाले सहयोग का विस्तार करने की इच्छा जताई।
ली छ्यांग ने ऊर्जा, संसाधन, व्यापार, निवेश और परिवहन क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की आर्थिक पूरकता का लाभ उठाते हुए दोनों राष्ट्रों की समृद्धि बढ़ाई जानी चाहिए।
बहुपक्षीय मंच और 'ग्लोबल साउथ' एकता
ली छ्यांग ने यह भी कहा कि वर्तमान विश्व में एकतरफावाद और प्रभुत्ववाद फैल रहा है। उन्होंने चीन की ओर से शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर रूस के साथ सहयोग घनिष्ठ करने की बात कही। उनके अनुसार, अधिक-से-अधिक 'ग्लोबल साउथ' देशों को एकजुट कर समान हितों तथा निष्पक्षता और न्याय की रक्षा की जाएगी।
गौरतलब है कि 2026 में एपेक (APEC) अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी रूस कर रहा है, और अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता चीन के पास आने वाली है — दोनों पक्षों ने इन आयोजनों को सफल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
पुतिन का रुख: 'सबसे घनिष्ठ और विश्वसनीय साझेदार'
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंध समानता, सम्मान, आपसी लाभ और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता पर आधारित हैं, और ये संबंध किसी तीसरे पक्ष के दबाव या अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के परिवर्तन से प्रभावित नहीं होते। पुतिन ने कहा, 'चीन रूस का सबसे घनिष्ठ और विश्वसनीय साझेदार था, है और हमेशा रहेगा।'
पुतिन ने चीन-रूस शिक्षा वर्ष के सफल आयोजन और जन-संपर्क विस्तार में सहयोग की बात भी कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस 2026 के APEC अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में चीन की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करता है और अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता में चीन का समर्थन करता है।
संदर्भ और महत्व
यह वार्ता ऐसे वैश्विक संदर्भ में हुई है जब पश्चिमी देशों और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर तनाव अभी भी बना हुआ है और चीन-अमेरिका व्यापार तनाव में कोई ठोस कमी नहीं आई है। विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक बीजिंग और मॉस्को द्वारा पश्चिमी दबाव के मद्देनजर अपनी रणनीतिक धुरी को सार्वजनिक रूप से पुष्ट करने का प्रयास है। यह ऐसे समय में आई है जब SCO और ब्रिक्स जैसे मंचों पर 'ग्लोबल साउथ' देशों को एकजुट करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर प्रगति तथा 2027 ब्रिक्स अध्यक्षता के एजेंडे पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।