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चीनी PM ली छ्यांग सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, रूस के मिशुस्टिन से नियमित द्विपक्षीय बैठक आज

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चीनी PM ली छ्यांग सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, रूस के मिशुस्टिन से नियमित द्विपक्षीय बैठक आज

सारांश

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ताजिकिस्तान और SCO की 25वीं बैठक के बाद सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं। रूसी PM मिशुस्टिन के साथ नियमित बैठक में द्विपक्षीय सहयोग को 'गहरा, व्यावहारिक और लचीला' बनाने पर जोर — शी-पुतिन नेतृत्व में मज़बूत होते चीन-रूस संबंधों की एक और कड़ी।

मुख्य बातें

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग 20 अक्टूबर 2026 की रात सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे।
रूसी PM मिखाइल मिशुस्टिन के निमंत्रण पर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की नियमित द्विपक्षीय बैठक आयोजित होनी है।
ली छ्यांग ने SCO शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक और ताजिकिस्तान की औपचारिक यात्रा के बाद सेंट पीटर्सबर्ग का रुख किया।
उन्होंने चीन-रूस संबंधों को 'गठबंधन-मुक्त, तीसरे पक्ष-तटस्थ' ढाँचे पर आधारित बताया और शी चिनफिंग व पुतिन के नेतृत्व की सराहना की।
हवाई अड्डे पर रूसी उपप्रधानमंत्री दिमित्री चेर्निशेंको और राजदूत चांग हानहुइ ने स्वागत किया।

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन के निमंत्रण पर 20 अक्टूबर 2026 की रात चार्टर विमान से सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, जहाँ दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच नियमित द्विपक्षीय बैठक आयोजित होनी है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब चीन-रूस संबंध वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में और अधिक सुदृढ़ होते दिख रहे हैं।

स्वागत एवं आगमन

हवाई अड्डे पर रूसी उपप्रधानमंत्री दिमित्री चेर्निशेंको और रूस में चीन के राजदूत चांग हानहुइ ने ली छ्यांग की अगवानी की। यह औपचारिक स्वागत दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता को रेखांकित करता है।

ली छ्यांग के मुख्य वक्तव्य

ली छ्यांग ने इस अवसर पर कहा कि चीन और रूस की मित्रता की राह में दोनों देशों ने गठबंधन न बनाने, आपसी टकराव न करने और किसी तीसरे पक्ष को निशाना न बनाने के सिद्धांत पर आधारित सहअस्तित्व का मार्ग अपनाया है। उन्होंने कहा कि इस नीति ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को निरंतर आगे बढ़ाया और प्रमुख देशों के संबंधों की एक मिसाल कायम की है।

ली छ्यांग ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में हाल के वर्षों में चीन-रूस संबंध और अधिक सुदृढ़ हुए हैं। उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग को 'गहरे, व्यावहारिक और लचीले' स्वरूप में विकसित करने की चीन की इच्छा व्यक्त की।

साझेदारी की व्यापक रूपरेखा

ली छ्यांग ने कहा कि चीन रूस के साथ मिलकर 'नये युग की चीन-रूस सर्वांगीण रणनीतिक समन्वय साझेदारी' में नई उपलब्धियाँ हासिल करना चाहता है। उनके अनुसार, इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों देशों की जनता को कल्याण प्रदान करने के साथ-साथ विश्व शांति और विकास में स्थिरता व निश्चितता जोड़ना है।

यात्रा की पृष्ठभूमि

ली छ्यांग यह यात्रा ताजिकिस्तान की औपचारिक यात्रा और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भाग लेने के बाद सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं। इस प्रकार उनकी यह यात्रा एक व्यापक क्षेत्रीय कूटनीतिक दौरे का हिस्सा है।

आगे की संभावनाएँ

गौरतलब है कि चीन और रूस के प्रधानमंत्रियों की यह नियमित बैठक दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद तंत्र का हिस्सा है। इस बैठक में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में यह बैठक दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक एजेंडे की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यापार, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की बढ़ती निर्भरता इस दावे को चुनौती देती है। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ करती है, वह यह है कि SCO और द्विपक्षीय बैठकों का यह संयोजन एक वैकल्पिक बहुपक्षीय व्यवस्था की नींव रखने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग की सेंट पीटर्सबर्ग यात्रा का उद्देश्य क्या है?
ली छ्यांग रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन के निमंत्रण पर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की नियमित द्विपक्षीय बैठक में भाग लेने सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं। यह बैठक चीन-रूस के बीच संस्थागत संवाद तंत्र का हिस्सा है, जिसमें व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग के मुद्दों पर चर्चा होती है।
ली छ्यांग की इस यात्रा से पहले वे कहाँ थे?
ली छ्यांग ताजिकिस्तान की औपचारिक यात्रा और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भाग लेने के बाद सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे। इस प्रकार उनकी सेंट पीटर्सबर्ग यात्रा एक विस्तृत क्षेत्रीय कूटनीतिक दौरे की अगली कड़ी है।
चीन-रूस संबंधों पर ली छ्यांग ने क्या कहा?
ली छ्यांग ने कहा कि दोनों देशों ने गठबंधन न करने, आपस में न टकराने और किसी तीसरे पक्ष को निशाना न बनाने के सिद्धांत पर आधारित सहअस्तित्व का मार्ग अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व में संबंधों के और अधिक मज़बूत होने की बात कही।
सेंट पीटर्सबर्ग में ली छ्यांग का स्वागत किसने किया?
हवाई अड्डे पर रूसी उपप्रधानमंत्री दिमित्री चेर्निशेंको और रूस में चीन के राजदूत चांग हानहुइ ने ली छ्यांग की अगवानी की। यह औपचारिक स्वागत दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संबंधों को दर्शाता है।
चीन-रूस की इस नियमित बैठक का महत्व क्या है?
यह बैठक दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच संस्थागत संवाद का हिस्सा है, जो व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर नियमित समन्वय सुनिश्चित करती है। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में यह बैठक दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की निरंतरता का प्रतीक मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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