क्या ली छ्यांग ने रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन से मुलाकात की?

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क्या ली छ्यांग ने रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन से मुलाकात की?

सारांश

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग और रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन की मुलाकात ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नई योजनाओं पर विचार किया। यह बैठक दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण अवसरों का संकेत देती है।

मुख्य बातें

ली छ्यांग और मिशुस्टिन की मुलाकात में सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्व बताया गया।
भविष्य में सहयोग के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की गई।

बीजिंग, 18 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। स्थानीय समय के अनुसार 17 नवंबर की दोपहर को चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने मास्को में रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन से महत्वपूर्ण मुलाकात की।

ली छ्यांग ने बताया कि हाल ही में चीन के हांगचो शहर में चीनी और रूसी प्रधानमंत्रियों के बीच 30वीं नियमित बैठक हुई थी, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा प्राप्त महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने और भविष्य की महत्वपूर्ण सहयोग योजनाओं पर चर्चा की गई।

चीन रूस के साथ मिलकर दोनों राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में संचार और समन्वय को और मजबूत करने, निवेश, ऊर्जा, कृषि और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग को गहरा करने के लिए तत्पर है। इस वर्ष सितंबर में एससीओ के थ्येनचिन शिखर सम्मेलन में अनेक सार्थक परिणाम सामने आए। चीन सभी एससीओ सदस्यों को 'शांगहाई भावना' को बनाए रखने के लिए प्रेरित करने के लिए भी तत्पर है।

मिशुस्टिन ने कहा कि वर्तमान में नए युग के लिए रूस-चीन व्यापक रणनीतिक साझेदारी उच्च स्तर पर है। रूस सभी स्तरों पर संवाद और आदान-प्रदान को और मजबूत करने, आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए तैयार है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ली छ्यांग और मिखाइल मिशुस्टिन की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं पर चर्चा करना था।
क्या इस मुलाकात का कोई वैश्विक प्रभाव होगा?
हाँ, यह मुलाकात रूस और चीन के बीच संबंधों को मजबूत कर सकती है, जो वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
राष्ट्र प्रेस