कंबोडिया में डीजल की कीमतें मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण दोगुनी हुईं: सरकार की रिपोर्ट

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कंबोडिया में डीजल की कीमतें मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण दोगुनी हुईं: सरकार की रिपोर्ट

सारांश

नोम पेन्ह, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण कंबोडिया में डीजल और गैसोलीन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सरकार ने इसके प्रभाव से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। जानिए इस संकट का पूरा विवरण।

Key Takeaways

  • मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण कंबोडिया में डीजल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।
  • सरकार ने ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए हैं।
  • ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण हवाई किराए में भी वृद्धि हुई है।
  • कंबोडिया पूरी तरह से आयातित पेट्रोलियम पर निर्भर है।
  • सरकार का कदम इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आयात शुल्क कम करना है।

नोम पेन्ह, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण कंबोडिया में तेल संकट गहराता जा रहा है। इस संकट के चलते कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। वाणिज्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि मध्य पूर्व के संघर्ष के आरंभ होने के बाद से कंबोडिया में डीजल की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं।

शुक्रवार रात को जारी एक बयान में मंत्रालय ने बताया कि एक लीटर डीजल की कीमत अब 8,100 रीएल (2.03 डॉलर) है, जो फरवरी के अंत में 3,850 रीएल (0.96 डॉलर) से 110 प्रतिशत अधिक है।

इसके अलावा, रेगुलर गैसोलीन की कीमत अब 5,500 रीएल (1.37 डॉलर) प्रति लीटर है, जो फरवरी के अंत में 3,850 रीएल (0.96 डॉलर) से 42.8 प्रतिशत अधिक है।

लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कीमत भी बढ़कर 3,900 रीएल (0.97 डॉलर) प्रति लीटर हो गई है, जो फरवरी के अंत में 2,000 रीएल (0.50 डॉलर) से 95 प्रतिशत अधिक है।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए, सरकार ने 20 मार्च को ईंधन उत्पादों पर आयात शुल्क और टैक्स में कटौती की है।

इसके अतिरिक्त, 28 मार्च को, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों, पैसेंजर प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रिक स्टोव और सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरणों पर आयात शुल्क कम करने का निर्णय लिया।

यह दक्षिण-पूर्व एशियाई देश पूरी तरह से आयातित पेट्रोलियम और डीजल पर निर्भर है, क्योंकि इसके समुद्र तल के तेल भंडार का अब तक उपयोग नहीं किया गया है।

इससे पहले, सिविल एविएशन प्रवक्ता ने कहा था कि 31 मार्च को, कंबोडिया से आने-जाने वाली 36 में से 18 एयरलाइनों ने मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते अपने एयर टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं।

सेक्रेटरी ऑफ स्टेट और स्टेट सेक्रेटेरिएट ऑफ सिविल एविएशन के प्रवक्ता सिन चांसेरी वुथा ने कहा कि एयरलाइनों ने उड़ान की दूरी के आधार पर अपने मूल हवाई किराए पर ईंधन शुल्क जोड़ा है।

उन्होंने एक समाचार विज्ञप्ति में कहा कि चार घरेलू एयरलाइनों ने अपने हवाई किराए में औसतन लगभग 21 डॉलर की वृद्धि की है, जबकि विदेशी एयरलाइनों ने अपने हवाई किराए में औसतन लगभग 28 डॉलर की वृद्धि की है।

Point of View

बल्कि आम जनता पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। सरकार के प्रयासों के बावजूद, यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
NationPress
04/04/2026

Frequently Asked Questions

मिडिल ईस्ट संघर्ष ने कंबोडिया में डीजल की कीमतें क्यों बढ़ाई?
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण तेल संकट बढ़ गया है, जिससे कंबोडिया में डीजल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।
सरकार ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए?
सरकार ने ईंधन उत्पादों पर आयात शुल्क और टैक्स कम करने का निर्णय लिया है।
कंबोडिया में डीजल की वर्तमान कीमत क्या है?
कंबोडिया में एक लीटर डीजल की कीमत अब 8,100 रीएल (2.03 डॉलर) है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों का प्रभाव क्या है?
ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण एयरलाइनों ने अपने हवाई किराए में भी वृद्धि की है।
कंबोडिया में ईंधन का अधिकांश हिस्सा कहाँ से आता है?
कंबोडिया पूरी तरह से आयातित पेट्रोलियम और डीजल पर निर्भर है।
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