क्या नेतन्याहू ने अलग फिलिस्तीनी देश के विचार को खारिज किया?

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क्या नेतन्याहू ने अलग फिलिस्तीनी देश के विचार को खारिज किया?

सारांश

क्या इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अलग फिलिस्तीनी देश के विचार को खारिज किया? जानें नेतन्याहू के ताजा बयान और इसके पीछे की सोच। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जानें नेतन्याहू और जर्मन चांसलर के बीच क्या चर्चा हुई।

मुख्य बातें

नेतन्याहू ने अलग फिलिस्तीनी देश के विचार को खारिज किया।
उन्होंने इसे अपनी तबाही के लिए तैयार होने जैसा बताया।
गाजा में शांति प्रक्रिया के दूसरे चरण की उम्मीद है।
नेतन्याहू का मानना है कि इजरायल की सुरक्षा सर्वोपरि है।
टू-स्टेट समाधान को ठुकराया गया।

यरूशलम, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय इजरायल दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेतन्याहू ने अलग फिलिस्तीनी देश के विचार को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने कहा, "ये तो अपने दरवाजे पर अपनी तबाही के लिए तैयार होने जैसा होगा।"

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जर्मन चांसलर मर्ज से स्पष्ट किया कि वे फिलिस्तीनी स्टेट के पक्ष में नहीं हैं।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मर्ज के साथ नेतन्याहू ने कहा, "जाहिर है, हमारा नजरिया भिन्न है, क्योंकि फिलिस्तीनी देश का लक्ष्य केवल यहूदी देश को समाप्त करना है।"

उन्होंने कहा, "गाजा में पहले से ही उनका एक देश था, और इसका इस्तेमाल सिर्फ यहूदी देश को समाप्त करने की कोशिश के लिए किया गया। हमारा मानना है कि अरब देशों के साथ महत्वपूर्ण शांति को आगे बढ़ाने का एक रास्ता है, और हमारे फिलिस्तीनी पड़ोसियों के साथ भी काम करने लायक शांति बनाने का एक रास्ता है, लेकिन हम ऐसा देश नहीं बनाने जा रहे हैं जो हमारे दरवाजे पर हमारी तबाही के लिए तैयार हो।"

नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल भूमध्य सागर और जॉर्डन नदी के बीच सुरक्षा बनाए रखेगा। वेस्ट बैंक पर कब्जा अभी भी चर्चा का विषय है, और आने वाले समय में भी यही स्थिति बनी रहने की उम्मीद है।

इसके साथ ही इजरायली पीएम ने गाजा शांति योजना के दूसरे चरण को जल्द शुरू करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि गाजा में सीजफायर का पहला चरण लगभग समाप्त हो गया है, और उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे चरण में आगे बढ़ेंगे।

नेतन्याहू ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गाजा, लेबनान और इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ युद्धों में इजरायली सैन्य अभियान ने ईरान के एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस को बुरी तरह हराया है, जिसके बाद “शांति के मौके हमारे हाथ में हैं।”

उन्होंने कहा, "मैं इस महीने के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप से मिलकर इस बारे में बात करूंगा," और आगे कहा कि वह "गाजा में हमास के शासन को कैसे समाप्त किया जाए, इस पर भी चर्चा करेंगे, क्योंकि यह गाजा के लिए एक अलग भविष्य और हमारे लिए भी एक अलग भविष्य तय करने का एक आवश्यक हिस्सा है।"

चांसलर मर्ज का यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने, वाशिंगटन के गाजा शांति योजना का समर्थन करने और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित है। नेतन्याहू का यह दृष्टिकोण टू-स्टेट समाधान को ठुकराता है, जो वैश्विक स्तर पर संघर्ष समाप्ति का मुख्य प्रस्ताव माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि नेतन्याहू का दृष्टिकोण इजराइल की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। फिलिस्तीनी राज्य का विचार एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसके कई राजनीतिक और सामाजिक पहलू हैं। हालाँकि, नेतन्याहू का यह खारिज करना क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है।

RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी देश के विचार को क्यों खारिज किया?
नेतन्याहू ने कहा कि अलग फिलिस्तीनी देश का विचार इजराइल के लिए खतरा है, और उनके अनुसार इसका उद्देश्य यहूदी देश को समाप्त करना है।
गाजा में वर्तमान स्थिति क्या है?
नेतन्याहू के अनुसार, गाजा में पहले से ही एक देश था, जिसका इस्तेमाल केवल यहूदी देश को खत्म करने की कोशिश में किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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