क्या न्यूज़ीलैंड में संसदीय चुनाव की तारीख का ऐलान किया गया है? 7 नवंबर को होगी वोटिंग
सारांश
Key Takeaways
- न्यूज़ीलैंड में आम चुनाव 7 नवंबर को होंगे।
- प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने चुनावी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है।
- महंगाई दर 7% से घटकर 3% हो गई है।
- नेशनल पार्टी को चुनावी मुकाबले में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
- न्यूज़ीलैंड में हर तीन साल में चुनाव आयोजित होते हैं।
वेलिंगटन, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष दुनिया के कई देशों में चुनाव होने वाले हैं। चुनावी मौसम की शुरुआत युगांडा से हो चुकी है। न्यूज़ीलैंड में नवंबर 2026 में चुनावी मौसम आएगा, जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने बुधवार को बताया कि देश में आम चुनाव 7 नवंबर को होंगे।
न्यूज़ एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पीएम लक्सन ने कहा कि तारीख तय करने से पहले न्यूजीलैंड के लोगों का पक्का भरोसा मिला है। उनकी सरकार चुनाव से पहले बुनियादी चीजों को सही करने और भविष्य के निर्माण पर ध्यान देने का वादा करती है। प्रधानमंत्री ने गवर्नर-जनरल को चुनाव की तारीख की जानकारी दी है।
उन्होंने अपने बयान में कहा, “जब हमने कार्यालय संभाला, तो देश गलत दिशा में जा रहा था। पिछले दो वर्षों में चीजों को बदलने के लिए हमने बहुत मेहनत की है। महंगाई 7 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत हो गई है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम आधारभूत चीजों को सुधारने और भविष्य के निर्माण की योजना पर कार्य करते रहेंगे ताकि देशभर के कीवी लोगों को अच्छे परिणाम मिल सकें। यह इस वर्ष के अंत में होने वाले चुनाव से पहले हमारा मुख्य फोकस रहेगा।”
पिछले चुनाव में लक्सन का मुख्य मुद्दा कानून व्यवस्था और महंगाई थी। 2023 में हुए चुनाव में उन्होंने कानून व्यवस्था और रहने-सहने के खर्च के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया था। हालांकि, न्यूज़ीलैंड की आर्थिक स्थिति सुस्त नजर आ रही है। सितंबर में खत्म हुए पिछले छह क्वार्टर में से तीन में न्यूज़ीलैंड की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। नवंबर 2025 में बेरोजगारी दर बढ़कर 5.3 प्रतिशत हो गई, जो लगभग दो दशकों में सबसे अधिक है।
हाल के ओपिनियन पोल के अनुसार, लक्सन की नेशनल पार्टी क्रिस हिपकिंस की नेतृत्व वाली लेबर पार्टी से पीछे चल रही है। हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा है कि न्यूज़ीलैंड नेशनल पार्टी अपने गठबंधन सहयोगियों की मदद से सत्ता में बनी रहेगी।
बता दें कि न्यूज़ीलैंड में हर तीन साल में चुनाव होते हैं और यहां संसदीय प्रणाली है। चुनाव की तारीख तय करना वर्तमान सरकार पर निर्भर है।