भारत और रूस के बीच तेल संकट के समाधान के लिए निरंतर संवाद: डेनिस अलीपोव

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भारत और रूस के बीच तेल संकट के समाधान के लिए निरंतर संवाद: डेनिस अलीपोव

सारांश

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष बढ़ने के कारण तेल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भारत में बातचीत के दौरान इन हालात पर विचार साझा किए।

Key Takeaways

  • भारत और रूस के बीच तेल व्यापार लगातार बढ़ रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय दबाव को खारिज करते हुए, भारत अपनी स्वतंत्र नीति बनाए रखेगा।
  • ईरान में सैन्य कार्रवाई के खिलाफ रूस का स्पष्ट रुख है।
  • बातचीत के माध्यम से संकट का समाधान संभव है।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका के बीच का तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। इससे कई देशों में तेल संकट उत्पन्न हो गया है। इन हालातों पर चर्चा करने के लिए भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष बातचीत की।

सवाल: वर्तमान में तेल कूटनीति के बारे में आपका क्या कहना है?

जवाब: हम किसी भी प्रकार की तेल कूटनीति से दूर हैं। हम केवल द्विपक्षीय व्यापार में लगे हुए हैं और भारत को रूस से तेल आपूर्ति का वॉल्यूम बढ़ाने का स्वागत करते हैं। मिडिल ईस्ट में मौजूदा हालात को देखते हुए, हमें अमेरिका की तेल आपूर्ति में रुकावट के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। यह ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का कारण बन रहा है। भारत और रूस के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है, और हम इसे जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सवाल: अमेरिका का कहना है कि भारत ने दबाव के कारण रूस से तेल आयात कम कर दिया है। इस दावे के पीछे की सच्चाई क्या है?

जवाब: मैं अमेरिका-भारत व्यापार पर इस सवाल का सही जवाब नहीं दे सकता। लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दबाव के किसी भी प्रयास को अस्वीकार करते हैं। यह व्यापार करने का सही तरीका नहीं है। भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का पालन किया है।

सवाल: ईरान में चल रहे संघर्ष में रूस की क्या भूमिका है? क्या रूस ईरान का समर्थन करता है?

जवाब: हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि हम खाड़ी में सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने के पक्षधर हैं। ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले को हम बिना उकसावे का मानते हैं। हम ईरान की स्वतंत्रता और सुरक्षा का समर्थन करते हैं, और सभी पक्षों से बातचीत के माध्यम से मतभेद सुलझाने की अपील करते हैं।

सवाल: क्या रूस भारतीय तेल शिपमेंट के सुरक्षित परिवहन में मदद कर रहा है?

जवाब: हमने भारत के साथ कूटनीतिक संबंध बनाए रखे हैं और संकट के समाधान के लिए बातचीत कर रहे हैं।

सवाल: क्या रूस ईरान को कोई इंटेलिजेंस या सैन्य सहायता प्रदान कर रहा है?

जवाब: मुझे इस विषय में जानकारी नहीं है। लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि भारत में रूसी दूतावास ईरान को कोई इंटेलिजेंस या सैन्य सहायता नहीं देता।

Point of View

अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना कर रहा है। रूस के साथ द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या रूस भारत को तेल आपूर्ति में मदद कर रहा है?
हां, रूस भारत को तेल आपूर्ति बढ़ाने में सहायता कर रहा है और द्विपक्षीय व्यापार को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या अमेरिका का दबाव भारत पर असर डाल रहा है?
भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को बनाए रखेगा, और अमेरिका के दबाव को अस्वीकार करता है।
ईरान में रूस की भूमिका क्या है?
रूस ईरान की स्वतंत्रता और सुरक्षा का समर्थन करता है और खाड़ी में सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने का पक्षधर है।
क्या रूस ईरान को सैन्य सहायता प्रदान कर रहा है?
रूस भारत में ईरान को कोई सैन्य सहायता या इंटेलिजेंस नहीं देता।
क्या भारत और रूस के बीच बातचीत का कोई सकारात्मक परिणाम हो सकता है?
हां, बातचीत के माध्यम से संकट के समाधान की संभावना बढ़ती है।
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