क्या पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया? 802 लोगों की मौत, 1,000 से अधिक घायल

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क्या पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया? 802 लोगों की मौत, 1,000 से अधिक घायल

सारांश

पाकिस्तान में निरंतर मानसूनी बारिशों ने भयानक तबाही मचाई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अनुसार, 802 लोगों की जान गई है और 1,088 से अधिक लोग घायल हुए हैं। क्या यह स्थिति और बिगड़ सकती है? जानिए इस तबाही के पीछे की वजहें और सरकार की ओर से उठाए गए कदम।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान में 802 लोगों की मृत्यु
  • 1,088 लोग घायल
  • खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा नुकसान
  • आपातकालीन प्रतिक्रिया के प्रयास जारी
  • नदियों के जलस्तर में वृद्धि

इस्लामाबाद, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 26 जून के बाद से पाकिस्तान में निरंतर मानसूनी बारिश और बाढ़ के कारण कम से कम 802 लोगों की जान चली गई है। इसके साथ ही, 1,088 अन्य लोग घायल हो गए हैं।

खराब मौसम ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है। घरों में पानी भर गया है, जिससे हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है और पूरे देश में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रयासों पर दबाव बढ़ गया है।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहाँ 479 लोगों की मौत हुई है। यहाँ 347 लोग घायल हुए हैं। इसके बाद, पंजाब में 165 लोग मारे गए और 584 घायल हुए, सिंध में 57 लोग मारे गए और 75 घायल हुए, जबकि बलूचिस्तान में 24 लोगों की मौत हुई और 5 लोग घायल हुए।

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 45 लोग मारे गए या घायल हुए, जबकि कश्मीर में 24 लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए। इस्लामाबाद में बारिश से जुड़े हादसों में 8 लोगों की मौत और 3 लोग घायल हुए।

पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, मानसूनी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे पंजाब प्रांत और आस-पास के क्षेत्रों में खतरा उत्पन्न हो रहा है।

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने चेतावनी दी है कि जस्सर में रावी नदी का जलस्तर उच्च बाढ़ स्तर पर पहुंच गया है।

पीएमडी ने पहले ही रावी और चिनाब नदियों में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी थी।

एनडीएमए ने अगले 24 घंटों में लाहौर, गुजरांवाला, सियालकोट, नरोवाल, कसूर और अन्य जिलों सहित पंजाब के निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बताया है।

निवासियों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदियों और नालों से दूरी बनाएं, और मीडिया, मोबाइल और एनडीएमए आपदा अलर्ट एप्लिकेशन के माध्यम से आधिकारिक अलर्ट पर ध्यान दें।

अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश से मिट्टी के घरों, बिजली के खंभों, होडिंग, वाहनों और सौर पैनलों जैसी कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुँच सकता है।

पीएमडी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली तेज मानसूनी धाराएं उत्तर-पूर्वी पंजाब और कश्मीर में प्रभाव डाल रही हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में, सियालकोट में असाधारण रूप से भारी बारिश दर्ज की गई, जहाँ 228 मिलीमीटर (मिमी) और एयरपोर्ट पर 97 मिमी बारिश हुई, जबकि नारोवाल में 107 मिमी, लाहौर शहर में 61 मिमी और एयरपोर्ट पर 39 मिमी बारिश हुई।

लाहौर जिला प्रशासन ने अगले 48 घंटों में रावी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताते हुए हाई अलर्ट जारी किया है।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि पाकिस्तान में इस समय जो स्थिति है, वह चिंताजनक है। मानसूनी बारिश ने न केवल मानव जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि यह देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी संकट में डाल रही है। हमें इस समय एकजुटता की आवश्यकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान में बारिश से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
पाकिस्तान में बारिश और बाढ़ से 802 लोग मारे गए हैं और 1,088 लोग घायल हुए हैं।
कौन से प्रांत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है?
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहाँ 479 लोगों की मौत हुई है।
क्या सरकार ने बाढ़ के लिए कोई कदम उठाए हैं?
हाँ, सरकार ने एनडीएमए के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया और बाढ़ चेतावनियों का कार्य किया है।
क्या लोग सुरक्षित हैं?
लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदियों और नालों से दूर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
क्या बारिश की स्थिति में सुधार होगा?
मौसम विज्ञान विभाग ने और बारिश की चेतावनी दी है, इसलिए स्थिति में सुधार की संभावना कम है।