क्या पाकिस्तान के 'पीओआर कार्ड' रद्द करने से अफगान शरणार्थियों का संकट और बढ़ गया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पाकिस्तान के 'पीओआर कार्ड' रद्द करने से अफगान शरणार्थियों का संकट और बढ़ गया?

सारांश

पाकिस्तान द्वारा अफगान शरणार्थियों के पीओआर कार्ड रद्द करने के बाद, सैकड़ों प्रवासी गिरफ्तारी और निर्वासन का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति अफगान नागरिकों के लिए एक गंभीर संकट बन गई है, जिससे दोनों देशों के बीच बातचीत की आवश्यकता बढ़ गई है। जानिए इस संकट के पीछे की वजहें और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

पाकिस्तान ने अफगान शरणार्थियों के पीओआर कार्ड रद्द किए।
800 से अधिक अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बातचीत की आवश्यकता है।
अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवासियों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग करता है।
अफगान वापसी के दौरान कई को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

काबुल, 5 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में निवास कर रहे कई अफगान नागरिकों के लिए एक गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। हाल ही में पाकिस्तान ने अफगान शरणार्थियों को जारी किए गए पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) कार्ड को रद्द कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है और मजबूरन पाकिस्तान से बाहर निकाला जा रहा है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी है।

पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अफगान शरणार्थियों की गिरफ्तारी और निर्वासन ने प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस स्थिति को संभालने के लिए अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सरकारों के बीच बातचीत की जरूरत महसूस की जा रही है।

अफगान मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने मंगलवार को पाकिस्तान में एक अफगान प्रवासी शबाना के हवाले से कहा, "हमें उम्मीद थी कि पीओआर कार्ड धारक अफगान प्रवासियों को कम से कम छह महीने की मोहलत दी जाएगी, लेकिन दुर्भाग्यवश, पाकिस्तान के एकतरफा निर्णय के चलते अफगान प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है।"

एक अन्य अफगान प्रवासी ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार ने अपने पुराने निर्णय को बदल दिया है और अब अफगान प्रवासियों की वापसी के लिए एक योजना तैयार कर रही है।

इस्लामाबाद

दूतावास ने कहा कि यह कदम एकतरफा उठाया गया है, जिसमें अफगान सरकार, संयुक्त राष्ट्र या यूएनएचसीआर का कोई समन्वय नहीं था।

इस्लामाबाद स्थित अफगान दूतावास की प्रवासन मामलों की उर्सुला हक्कयार ने कहा, "हमारे कार्यालय से मिली रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने 800 अफगान प्रवासियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 380 के पास वैध कार्ड थे, फिर भी उन्हें निर्वासित किया गया।"

प्रवासी अधिकार कार्यकर्ता मोहम्मद खान मोहम्मदजई ने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में, प्रवासियों, खासकर जिनके पास कानूनी दस्तावेज हैं, के अधिकारों की रक्षा करना वर्तमान अफगान सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों, दोनों की जिम्मेदारी है।"

इससे पहले, अफगानिस्तान के शरणार्थी और प्रत्यावर्तन मंत्रालय के एक उप मंत्री ने जोर देकर कहा था कि पड़ोसी देशों से अफगान प्रवासियों का जबरन निर्वासन अंतरराष्ट्रीय और इस्लामी कानून, दोनों का उल्लंघन है। उन्होंने मेजबान देशों से प्रवासियों के अधिकारों के सम्मान का आग्रह किया था।

31 जुलाई को जारी संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त की रिपोर्ट में कहा गया कि सितंबर 2023 से अब तक लगभग 12 लाख अफगान पाकिस्तान से लौट चुके हैं। रिपोर्ट में, यूएनएचसीआर ने उल्लेख किया कि लौटने वाले कई अफगानों को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

एजेंसी ने कहा कि अकेले 2025 में 3,15,000 से ज्यादा अफगान अफगानिस्तान वापस आए, जिनमें 51,000 ऐसे थे जिन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों ने जबरन निर्वासित किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाएं। यह मुद्दा न केवल अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमें सहयोग और संवाद के माध्यम से इस संकट का समाधान निकालने की आवश्यकता है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान ने अफगान शरणार्थियों के पीओआर कार्ड क्यों रद्द किए?
पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अफगान शरणार्थियों के पीओआर कार्ड रद्द किए, जिससे गिरफ्तारी और निर्वासन की घटनाएं बढ़ गईं।
क्या अफगान प्रवासियों को पाकिस्तान से निकाला जा रहा है?
हाँ, कई अफगान प्रवासियों को वैध दस्तावेजों के बावजूद जबरन निर्वासित किया जा रहा है।
इस स्थिति का समाधान कैसे होगा?
अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सरकारों के बीच बातचीत और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सहायता से इस स्थिति का समाधान निकाला जा सकता है।
क्या अंतरराष्ट्रीय कानून इस मामले में लागू होता है?
हां, अंतरराष्ट्रीय और इस्लामी कानून के तहत प्रवासियों के अधिकारों का सम्मान करना अनिवार्य है।
अफगान वापसी की स्थिति कैसी है?
हाल ही में लौटे कई अफगान नागरिक गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 2 घंटे पहले
  4. 3 घंटे पहले
  5. 3 घंटे पहले
  6. 3 घंटे पहले
  7. 3 घंटे पहले
  8. 4 घंटे पहले