क्या कनाडा के क्यूबेक में सार्वजनिक स्थलों पर प्रार्थना बैन करने वाला विधेयक पेश किया गया?

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क्या कनाडा के क्यूबेक में सार्वजनिक स्थलों पर प्रार्थना बैन करने वाला विधेयक पेश किया गया?

सारांश

कनाडा के क्यूबेक प्रांत में एक नया विधेयक पेश किया गया है जो सार्वजनिक स्थलों पर प्रार्थना को प्रतिबंधित करता है। इस कानून का उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों को सीमित करना और राज्य की धार्मिक तटस्थता को सुनिश्चित करना है। जानिए इस विधेयक के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।

Key Takeaways

  • बिल 9 सार्वजनिक स्थलों पर प्रार्थना पर प्रतिबंध लगाता है।
  • उल्लंघन पर 1,125 कैनेडियन डॉलर का जुर्माना।
  • क्यूबेक प्रशासन का तर्क है कि यह धार्मिक तटस्थता को सुनिश्चित करता है।
  • कानून की आलोचना धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के रूप में की जा रही है।
  • क्यूबेक के मंत्री ने इसे लोकतंत्र को मजबूत करने का कदम बताया है।

ओटावा, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कनाडा के क्यूबेक प्रांत की सरकार ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में धर्म और धार्मिक गतिविधियों को सीमित करना है। बिल 9 कानून के तहत कॉलेज-विश्वविद्यालय, पार्क, सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति प्रार्थना करना प्रतिबंधित हो जाएगा। उल्लंघन करने पर 1,125 कैनेडियन डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा।

इससे पहले, 2019 में पारित बिल 21 के बाद, जो सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को धार्मिक चिन्ह पहनने से रोकता था, अब न केवल धार्मिक प्रतीकों पर बल्कि सार्वजनिक प्रार्थना और पब्लिक-स्पेस पर पूजा-प्रदर्शनों पर भी रोक लगाई जा रही है। कोएलिशन एवेनिर क्यूबेक दल ने इसे शुक्रवार को प्रस्तुत किया।

क्यूबेक प्रशासन का कहना है कि इस कदम से राज्य की धार्मिक तटस्थता सुनिश्चित होगी—उनका तर्क है कि सार्वजनिक प्रार्थना से सार्वजनिक स्थान पूजा-स्थल जैसी बन जाते हैं, जो शिक्षा या प्रशासनिक संस्थान नहीं हैं। साथ ही, प्रार्थना कक्ष, धार्मिक वेशभूषा, चेहरे ढकने वाले कपड़े, और सार्वजनिक स्कूलों में धार्मिक भोजन पर भी इस कानून में प्रतिबंध शामिल है।

इस कानून की आलोचना भी शुरू हो गई है। मुस्लिम समुदाय और नागरिक अधिकार संस्थानों का तर्क है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता है। कई लोग इसे पहचान-आधारित राजनीति और सामाजिक विभाजन बढ़ाने वाला कदम मानते हैं।

क्यूबेक के इस नए कानून को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का जरिया भी बताया जा रहा है। क्यूबेक के मंत्री, जीन-फ्रांस्वा रोबर्ज ने एक्स पर लिखा, "बिल 9 पेश कर हमने क्यूबेक में लोकतंत्र को मजबूत करने की ओर एक जरूरी कदम उठा दिया है। लॉ 21 को अपनाने के छह साल बाद, क्यूबेक के लोगों का संदेश स्पष्ट है: हमें और आगे बढ़ना होगा। लोकतंत्र हमारी सामूहिक पहचान का हिस्सा है। हम अपने मूल्यों से कोई समझौता नहीं करेंगे, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के बीच बराबरी भी शामिल है।"

उन्होंने दावा किया, "इस बिल के जरिए, क्यूबेक एक बार फिर अपनी खास पहचान और अपने बुनियादी सिद्धांतों के प्रति समर्पण को पक्का कर रहा है। क्योंकि हम क्यूबेक में ऐसे ही रहते हैं और ऐसे ही साथ रहना चाहते हैं!"

यह कानून क्यूबेक की लंबी लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है, जो फ्रांस की लाइसिटे से प्रेरित है। हालांकि, यह कनाडा की बहुसांस्कृतिक नीति से टकराव पैदा कर रहा है।

सार्वजनिक स्थलों पर पाबंदी का फैसला मॉन्ट्रियल4पैलेस्टाइन ग्रुप के बीते रविवार को शहर के नोट्रे-डेम बेसिलिका के बाहर प्रार्थनाओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने के बाद लिया गया है।

Point of View

यह अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों पर प्रभाव डाल सकता है। इसका व्यापक प्रभाव देखने की आवश्यकता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

बिल 9 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बिल 9 का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति धार्मिक गतिविधियों को प्रतिबंधित करना है।
इस कानून का उल्लंघन करने पर क्या सजा है?
इस कानून का उल्लंघन करने पर 1,125 कैनेडियन डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा।
क्या यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है?
कई आलोचक इस कानून को धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हैं।
इस विधेयक का समर्थन कौन कर रहा है?
इस विधेयक का समर्थन 'कोएलिशन एवेनिर क्यूबेक' दल कर रहा है।
क्यूबेक के मंत्री ने इस कानून के बारे में क्या कहा?
क्यूबेक के मंत्री ने कहा कि यह कानून लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक जरूरी कदम है।
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