क्या श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को जमानत मिली?

सारांश
Key Takeaways
- रानिल विक्रमसिंघे को जमानत मिली है।
- उन पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।
- जमानत राशि 50-50 लाख श्रीलंकाई रुपए है।
- 29 अक्टूबर को और जांच निर्धारित है।
- पूर्व राष्ट्रपति ने आरोपों का खंडन किया है।
कोलंबो, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट निलुपिली लंकापुरा ने मंगलवार को श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को जमानत प्रदान की। उन्हें तीन जमानतें भरनी होंगी, जिनकी राशि 50-50 लाख श्रीलंकाई रुपए है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विक्रमसिंघे को 1.66 करोड़ लंका रुपए के सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में संदिग्ध के रूप में नामित किया गया है। यह राशि 10 लोगों के निजी विदेश दौरे पर खर्च की गई थी।
श्रीलंका के प्रमुख समाचार पत्र डेली मिरर के मुताबिक, 29 अक्टूबर को एक और मजिस्ट्रेट जांच निर्धारित की गई है।
22 अगस्त को देश के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने विक्रमसिंघे को एक निजी विदेश यात्रा के संबंध में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों में हिरासत में लिया था।
सीआईडी ने सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों में विक्रमसिंघे को तलब करते हुए चार घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था।
22 अगस्त को कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट परिसर में विक्रमसिंघे के समर्थकों की भारी भीड़ भी जमा थी। उनकी पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
यह जांच सितंबर 2023 में राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए रानिल विक्रमसिंघे की यूनाइटेड किंगडम यात्रा से जुड़ी है। वह अपनी पत्नी मैत्री विक्रमसिंघे के यूनिवर्सिटी ऑफ वूल्वरहैम्प्टन के दीक्षांत समारोह में शामिल होने गए थे।
आरोप है कि इस दौरान यात्रा और सुरक्षा खर्चों के लिए सरकारी धन का उपयोग किया गया था।
सीआईडी की जांच के अनुसार, 10 लोगों के इस दौरे पर लगभग 1.69 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया गया है।
सीआईडी ने उनकी पूर्व निजी सचिव सैंड्रा परेरा और पूर्व राष्ट्रपति सचिव समन एकनायके से भी यात्रा की व्यवस्था में उनकी भूमिका के बारे में बयान लिए थे।
हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस यात्रा में सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं किया गया। उनकी पत्नी ने खुद इसका खर्च उठाया था।