रूसी ड्रोन कंपनी 'यूरालड्रोनजावोड' के सीईओ व्लादिमीर त्काचुक कार बम धमाके में घायल, आईसीयू में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
रूस की प्रमुख सैन्य ड्रोन निर्माता कंपनी यूरालड्रोनजावोड के सीईओ व्लादिमीर त्काचुक मंगलवार देर रात मॉस्को में एक कार विस्फोट के बाद गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। आपातकालीन सेवाओं के अधिकारियों के हवाले से 5 अगस्त 2026 को यह जानकारी सामने आई।
कंपनी और त्काचुक की पृष्ठभूमि
यूरालड्रोनजावोड रूस की एक पूर्ण-स्तरीय ड्रोन निर्माण कंपनी है, जिसे त्काचुक ने 2023 में एक स्टार्टअप के रूप में स्थापित किया था। यह कंपनी छोटे ड्रोन से लेकर भारी मल्टीकॉप्टर और फिक्स्ड-विंग ड्रोन तक कई प्रकार की ड्रोन प्रणालियों का डिज़ाइन और निर्माण करती है — जो रूस के सैन्य अभियानों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
एक सप्ताह में दूसरा हमला
यह घटना उस कथित हमले के ठीक एक सप्ताह बाद हुई है, जिसमें रूस के पश्चिमी शहर तुला की एक आवासीय इमारत में 'ओवोद' ड्रोन श्रृंखला के मुख्य डिज़ाइनर और डेवलपर आंद्रे चेरेजोव पर जानलेवा हमले की कोशिश की गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में ड्रोन तकनीक केंद्रीय भूमिका निभा रही है और रक्षा उद्योग से जुड़े व्यक्तियों पर हमलों का सिलसिला जारी है।
मॉस्को पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बुधवार सुबह बताया कि यूक्रेन की ओर से मॉस्को पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया गया, जिसमें 190 से अधिक ड्रोन मार गिराए गए। हालाँकि मॉस्को प्रशासन ने किसी भी जनहानि या बुनियादी ढाँचे को हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की।
उड़ानों की सुरक्षा को देखते हुए राजधानी के वनुकोवो, शेरेमेत्येवो और डोमोदेदोवो हवाई अड्डों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए।
क्षेत्रीय हमलों में हताहत
क्षेत्रीय गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, मंगलवार सुबह मॉस्को क्षेत्र पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले में 5 लोगों की मौत हुई और 6 अन्य घायल हो गए। इससे एक दिन पहले सोमवार को रूसी स्थानीय अधिकारियों ने बताया था कि देश के कई क्षेत्रों पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों में 10 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हो गए।
आगे क्या
त्काचुक पर हुए इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है और जाँच जारी है। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रक्षा उद्योग से जुड़े अधिकारियों और तकनीशियनों को निशाना बनाने की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं, जो इस संघर्ष के एक नए और खतरनाक आयाम की ओर इशारा करती हैं।