दक्षिण कोरिया में भीषण गर्मी का कहर: सियोल में 39°C, 21 मौतें; सप्ताहांत से आंशिक राहत संभव
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया में जारी रिकॉर्डतोड़ गर्मी 6 अगस्त, शुक्रवार को अपने चरम पर पहुँच गई, जहाँ राजधानी सियोल में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार सप्ताहांत से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अगले सप्ताह भी उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।
गर्मी के पीछे की मौसमी वजह
दक्षिण कोरिया के मौसम विभाग ने बताया कि कोरियाई प्रायद्वीप पर उत्तर प्रशांत उच्च दबाव और तिब्बती उच्च दबाव प्रणाली के संयुक्त प्रभाव के कारण भीषण गर्मी का यह दौर बना हुआ है। शुक्रवार के बाद दोनों दबाव प्रणालियों का असर कमज़ोर पड़ने से ऊपरी वायुमंडल में बादल बढ़ेंगे और सूर्य की तीव्रता में कुछ कमी आएगी।
मौसम विभाग ने सप्ताहांत में पूर्वी तटीय इलाकों और जेजू द्वीप पर भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है।
तापमान का पूर्वानुमान
शुक्रवार को देशभर में न्यूनतम तापमान 22 से 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। शनिवार को अधिकतम तापमान 27 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है — हालाँकि यह 1991–2020 की 30 वर्षीय औसत सीमा से ऊपर ही बना रहेगा।
सोमवार से शुरू होने वाले सप्ताह में उत्तर प्रशांत उच्च दबाव प्रणाली के प्रभाव से उमस भरी गर्मी जारी रहने की आशंका है। दिन का अधिकतम तापमान 28 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि महसूस होने वाला तापमान कई स्थानों पर 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
स्वास्थ्य पर असर: 21 मौतें, 2,441 आपातकालीन मामले
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस वर्ष अब तक दक्षिण कोरिया में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के कारण 21 लोगों की मौत हो चुकी है — जो पिछले वर्ष की पूरी गर्मी के मौसम में हुई 20 मौतों के कुल आँकड़े को भी पार कर चुका है।
कोरिया रोग नियंत्रण एवं रोकथाम एजेंसी के अनुसार, मई के मध्य से शुरू की गई हीट इलनेस निगरानी प्रणाली के तहत मंगलवार तक 2,441 लोग गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आपातकालीन कक्षों में पहुँचे। हालाँकि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बीमार होने वालों की कुल संख्या कम रही है, मृत्यु दर अधिक चिंताजनक है।
हाल की मौतों में उत्तर चुंगचियोंग प्रांत के एउमसियोंग काउंटी में खेत में काम करते समय लू लगने से जान गँवाने वाले एक 60 वर्षीय किसान का मामला भी शामिल है, जिनकी मृत्यु मंगलवार को हुई।
बीमारियों का स्वरूप
स्वास्थ्य एजेंसी के आँकड़ों के अनुसार, इस वर्ष दर्ज मामलों में 61.7 प्रतिशत मरीज हीट एग्जॉशन (अत्यधिक गर्मी से थकावट) के शिकार हुए, जबकि 16.8 प्रतिशत को हीट स्ट्रोक और 11.5 प्रतिशत को हीट क्रैम्प्स की शिकायत हुई। यह आँकड़े बताते हैं कि बाहर काम करने वाले मज़दूर और किसान सबसे अधिक जोखिम में हैं।
आगे क्या उम्मीद करें
विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताहांत में मिलने वाली राहत अस्थायी होगी। अगले सप्ताह उमस और गर्मी का संयुक्त असर बना रहेगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम नहीं होंगे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से दोपहर में बाहरी गतिविधियाँ सीमित रखने और पर्याप्त पानी पीने की अपील की है।