दक्षिण कोरिया में बिजली मांग 95.321 गीगावाट के रिकॉर्ड पर, भीषण गर्मी से ऊर्जा तंत्र पर दबाव
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया में 9 अगस्त को भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग इस वर्ष के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गई। कोरिया पावर एक्सचेंज (KPX) के आँकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को देश की अधिकतम बिजली माँग 95.321 गीगावाट दर्ज की गई, जबकि उस समय बिजली रिज़र्व क्षमता केवल 8.2 गीगावाट थी।
मांग में उछाल के कारण
लंबे समय से जारी उच्च तापमान ने घरेलू और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में एयर कंडीशनिंग की खपत को तेज़ी से बढ़ाया है। सरकार का अनुमान है कि अगले सप्ताह भी तापमान ऊँचा बना रहेगा, जिससे बिजली की खपत और बढ़ सकती है। इसके अतिरिक्त, गर्मी की छुट्टियों के समाप्त होने के बाद औद्योगिक गतिविधियों में तेज़ी आने से भी माँग में और इज़ाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार की तैयारी और आपूर्ति क्षमता
दक्षिण कोरियाई ऊर्जा मंत्रालय ने संभावित दबाव से निपटने के लिए बिजली आपूर्ति क्षमता पिछले वर्ष की तुलना में 2 गीगावाट बढ़ाकर 107 गीगावाट कर दी है। किसी अप्रत्याशित कमी की स्थिति से निपटने के लिए 8.8 गीगावाट अतिरिक्त रिज़र्व की भी व्यवस्था की गई है।
KPX के अनुसार, फिलहाल परमाणु और सौर ऊर्जा उत्पादन में कोई बड़ी बाधा नहीं है और आपूर्ति तथा माँग को स्थिर रूप से संभाला जा रहा है। यह ऐसे समय में राहत की बात है, जब लगातार गर्म मौसम के कारण आने वाले दिनों में ऊर्जा तंत्र पर दबाव बने रहने की आशंका है।
अत्यधिक गर्मी की चेतावनी और आपातकालीन समीक्षा
मौसम में हल्के बदलाव के मद्देनज़र सरकार ने अत्यधिक गर्मी संबंधी चेतावनी हटा दी है। हालाँकि, चेतावनी हटाए जाने के बावजूद बाहर काम करने वाले कर्मियों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की अपील जारी रखी गई है।
रविवार को संबंधित मंत्रालयों और क्षेत्रीय अधिकारियों की एक बैठक में 'सेंट्रल डिज़ास्टर एंड सेफ्टी काउंटरमेज़र्स हेडक्वार्टर' ने अत्यधिक गर्मी से निपटने के लिए आपातकालीन प्रोटोकॉल की समीक्षा की।
कमज़ोर वर्गों पर विशेष ध्यान
हेडक्वार्टर ने सभी अंतर-एजेंसी प्रतिक्रिया इकाइयों से प्रवासी कामगारों और बुज़ुर्ग किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया में हर गर्मियों में बुज़ुर्ग और बाहरी कामगार गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों के सबसे अधिक शिकार होते हैं।
आने वाले दिनों में तापमान और औद्योगिक गतिविधियों की स्थिति पर KPX और ऊर्जा मंत्रालय की नज़र बनी रहेगी, ताकि किसी भी संभावित बिजली संकट को समय रहते टाला जा सके।