27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारतीय सेना ने श्रीलंकाई लोगों की मुसीबत में मदद की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारतीय सेना ने श्रीलंकाई लोगों की मुसीबत में मदद की?

सारांश

श्रीलंका में चक्रवाती तूफान 'दितवाह' के बाद आई भयंकर बाढ़ से प्रभावित लोगों ने भारतीय सेना और सरकार के प्रति गहरा आभार जताया है। जानें कैसे भारतीय सेना ने इस कठिन समय में मदद की।

मुख्य बातें

भारतीय सेना ने श्रीलंका में आपदा राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फील्ड अस्पतालों ने हजारों लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की।
संकट के समय में सहयोग की आवश्यकता होती है।
स्थानीय निवासियों ने भारतीय सेना के प्रति आभार प्रकट किया।
आपदा प्रबंधन में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता होती है।

कोलंबो, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ के कारण आई भयंकर बाढ़ के बाद, श्रीलंका के स्थानीय निवासियों ने भारतीय सेना और भारत सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि तूफान ने उनके घरों, स्कूलों और सड़कों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पूरा क्षेत्र अलग-थलग पड़ गया।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “भारतीय सेना और भारत सरकार ने हमारी मदद की और हमारे जीवन को बचाया। हमारा गांव बुरी तरह प्रभावित हुआ था और बच्चों के स्कूल जाने का रास्ता भी बह गया था। ऐसे कठिन समय में भारत ने हर संभव सहायता प्रदान की।”

ज्ञात हो कि भारतीय सेना ने सबसे प्रभावित क्षेत्रों में एक पूर्ण सुसज्जित फील्ड अस्पताल स्थापित किया है, जहां हजारों लोगों को तात्कालिक चिकित्सा सहायता दी जा रही है। कोलंबो से आपदा क्षेत्र तक पहुँचने में सड़कों का बह जाना, पुलों का टूटना और संचार व्यवस्था का ठप होना जैसी चुनौतियों के बावजूद, भारतीय राहत दल ने 18 घंटे की कठिन यात्रा पूरी की।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के पूर्ण विनाश के कारण, सेना ने एक खाली पार्किंग स्थल को एक हाई-टेक मेडिकल फैसिलिटी में बदल दिया, जिसे पोर्टेबल जेनरेटर और पुनर्स्थापित संचार केंद्र के माध्यम से संचालित किया गया।

दल का नेतृत्व कर रहे लेफ्टिनेंट कर्नल जगनीत गिल ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच संयुक्त प्रयासों से राहत कार्य को गति मिली है। इंजीनियरों और चिकित्सा टीमों ने रात भर शेल्टर, ऑपरेशन थिएटर, एचवीएसी युक्त मेडिकल टेंट और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं स्थापित कीं।

क्षेत्रीय हालात का त्वरित आकलन करने और मरीजों को सुरक्षित रूप से पहुँचाने के लिए सर्विलांस ड्रोन भी तैनात किए गए हैं।

फील्ड अस्पताल को जल्द ही बहु-विशेषता केंद्र के रूप में विस्तारित किया जाएगा, जिसमें सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, डेंटल केयर, एक्स-रे और कई ओपीडी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

भारतीय सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स ने क्षतिग्रस्त पुलों को हटाने, बेली ब्रिज के घटकों के परिवहन और सड़क संपर्क बहाल करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को तेज किया है। इसके अलावा, पेयजल आपूर्ति को बहाल करने, संचार लाइनों को दुरुस्त करने और जरूरी अधिरचना को फिर से खड़ा करने में भी सेना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब मानवता को सबसे पहले सहायता के लिए आगे आना चाहिए। भारतीय सेना ने न केवल राहत कार्य के लिए तत्परता दिखाई, बल्कि यह भी साबित किया कि संकट के समय में सहयोग का महत्व क्या होता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवाती तूफान 'दितवाह' क्या है?
चक्रवाती तूफान 'दितवाह' एक प्रमुख चक्रवात है जिसने श्रीलंका में विनाशकारी बाढ़ का कारण बना।
भारतीय सेना ने कैसे मदद की?
भारतीय सेना ने फील्ड अस्पताल स्थापित किए, चिकित्सा सहायता प्रदान की और राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई।
आपदा के दौरान स्थानीय लोगों की क्या स्थिति थी?
आपदा के दौरान स्थानीय लोग गंभीर संकट में थे, उनके घर, स्कूल और सड़कों का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले