क्या तजाकिस्तान के राष्ट्रपति का इंटरव्यू महत्वपूर्ण है?

सारांश
Key Takeaways
- एससीओ एक प्रभावशाली बहुपक्षीय मंच है।
- तजाकिस्तान और चीन के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं।
- 2024 में तजाकिस्तान-चीन संबंधों में वृद्धि होगी।
- अर्थव्यवस्था, व्यापार और स्वास्थ्य में सहयोग बढ़ रहा है।
- तजाकिस्तान की राष्ट्रीय विकास रणनीति और चीन की बेल्ट एंड रोड पहल एक साथ मिल रही हैं।
बीजिंग, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शांगहाई सहयोग संगठन के थ्येनचिन शिखर सम्मेलन और चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध व विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ समारोह में भाग लेने के लिए चीन आने से पहले तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन ने राजधानी दुशांबे में चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) से इंटरव्यू किया।
इस अवसर पर रहमोन ने कहा कि एससीओ एक सफल और प्रभावशाली बहुपक्षीय सहयोग मंच है। सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और संस्कृति आदि में एससीओ सक्रिय भूमिका निभाता है। अब एससीओ अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बड़ा प्रभाव डालने वाला संगठन बन गया है। विश्वास है कि थ्येनचिन शिखर सम्मेलन सदस्य देशों के बीच सहयोग और एससीओ के विकास में नया अध्याय जोड़ेगा।
रहमोन ने कहा कि वर्ष 2024 में तजाकिस्तान-चीन संबंधों को भविष्य में व्यापक स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों के बीच अर्थव्यवस्था, व्यापार, वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा और उद्योग आदि क्षेत्रों में व्यवहारिक सहयोग तेजी से विकसित हो रहा है और उन्नत हो रहा है। तजाकिस्तान की वर्ष 2030 तक राष्ट्रीय विकास रणनीति और चीन की बेल्ट एंड रोड के समान निर्माण की पहल को आपस में जोड़ा गया है। तजाकिस्तान और चीन के बीच के बेहतर संबंधों को और मजबूत बनाने का प्रयास जारी रखा जाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)