ट्रंप ने तीन अमेरिकी सैन्य नायकों को मेडल ऑफ ऑनर से नवाज़ा, वियतनाम से अफगानिस्तान तक की वीरगाथा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 जून 2026 को व्हाइट हाउस में आयोजित एक विशेष समारोह में तीन सैन्य नायकों को अमेरिका के सर्वोच्च सैन्य सम्मान कांग्रेसनल मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। ये तीन नायक हैं — रिटायर्ड मरीन मेजर जेम्स कैपर्स जूनियर (वियतनाम युद्ध), रिटायर्ड आर्मी मेजर निकोलस डॉकरी (अफगानिस्तान युद्ध) और मरणोपरांत मरीन कर्नल जॉन डब्ल्यू. रिप्ले (वियतनाम युद्ध)। यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया जब अमेरिका 2026 में अपनी स्थापना की 250वीं सालगिरह मनाने की तैयारी में है।
राष्ट्रपति ट्रंप का संबोधन
समारोह में राष्ट्रपति ट्रंप ने तीनों सैनिकों को हिम्मत और कुर्बानी की अप्रतिम मिसाल बताया। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी सुरक्षा बलों के कमांडर इन चीफ के तौर पर सेवा करने से बड़ा कोई खास मौका मेरे लिए नहीं है। धरती पर अब तक के सबसे बहादुर और महान हीरो की 250 साल की परंपरा। लेकिन कुछ ही लोगों को हमारा सबसे बड़ा सैन्य सम्मान, कांग्रेसनल मेडल ऑफ ऑनर मिला है।' ट्रंप ने समापन में कहा कि देश उन सैनिकों का हमेशा कर्जदार रहेगा जिन्होंने युद्धभूमि पर अपनी जान जोखिम में डाली।
जेम्स कैपर्स जूनियर: पाँच दशक की प्रतीक्षा का अंत
मेजर जेम्स कैपर्स जूनियर को 1967 में वियतनाम में चार दिवसीय टोही मिशन के दौरान प्रदर्शित असाधारण साहस के लिए यह सम्मान मिला। व्हाइट हाउस के अनुसार, तत्कालीन सेकंड लेफ्टिनेंट कैपर्स और उनकी टीम ने उत्तरी वियतनामी रेजिमेंटल बेस कैंप की टोह लेते हुए दुश्मन की बड़ी सेना से बार-बार भिड़ंत की। कई गंभीर चोटें लगने के बावजूद उन्होंने अपने सैनिकों का नेतृत्व जारी रखा, सपोर्टिंग फायर को समन्वित किया और निकासी का निर्देशन किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया, 'उनके सभी साथी घायल हो गए, लेकिन जेम्स एक पैर पर उठ खड़े हुए और आगे बढ़ते गए। मुश्किल से होश में आने पर, उन्होंने पूरे एक घंटे तक क्लोज एयर सपोर्ट के लिए कॉल किया।' गौरतलब है कि क्लोज एयर सपोर्ट एक सैन्य हवाई रणनीति है जिसमें लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों द्वारा जमीन पर लड़ रही मित्र सेनाओं के अत्यंत निकट स्थित दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि कैपर्स को 1967 में ही मेडल ऑफ ऑनर के लिए अनुशंसित किया गया था, किंतु उनके कमांडिंग ऑफिसर की असामयिक मृत्यु के कारण पेपरवर्क अधूरा रह गया और पुरस्कार प्रक्रिया रुक गई। ट्रंप ने कैपर्स से कहा, 'जेम्स, देश ने तुम्हें बहुत लंबा इंतजार करवाया।'
जॉन डब्ल्यू. रिप्ले: पुल विस्फोट से दुश्मन की अग्रिम बढ़त रोकी
मरणोपरांत सम्मानित कर्नल जॉन डब्ल्यू. रिप्ले को 2 अप्रैल 1972 को उत्तरी वियतनाम के एक बड़े आक्रमण के दौरान की गई कार्रवाई के लिए यह पुरस्कार दिया गया। तत्कालीन कैप्टन रिप्ले, एक वरिष्ठ मरीन सलाहकार के रूप में, दुश्मन की निरंतर गोलीबारी के बीच एक पुल के नीचे बार-बार चढ़े और 500 पाउंड से अधिक विस्फोटक स्थापित किए। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया, 'लगातार पाँच घंटे तक, वह विस्फोटक ले गए, चार्ज लगाए और हर एक तक प्राइमर कॉर्ड पहुँचाया। जब जॉन ने विस्फोट किया, तो पुल नदी में गिर गया, जिससे आगे बढ़ रही दुश्मन सेना रुक गई।'
निकोलस डॉकरी: अफगानिस्तान में घायल साथियों की ढाल बने
मेजर निकोलस डॉकरी को अक्टूबर 2012 में अफगानिस्तान के कपिसा प्रांत में तालिबान के हमले के दौरान प्रदर्शित असाधारण वीरता के लिए सम्मानित किया गया। व्हाइट हाउस के अनुसार, उन्होंने घायल सैनिकों को बचाने, जवाबी हमलों का नेतृत्व करने और हवाई सहायता का निर्देशन करते हुए बार-बार दुश्मन की गोलीबारी का सामना किया। ट्रंप ने कहा, 'जब उनके चारों ओर मोर्टार फायर की गड़गड़ाहट हो रही थी, निक ने अपने घायल साथी को अपने शरीर से कवर कर लिया। मेजर डॉकरी, आप उस दिन युद्ध के मैदान से जाने वाले आखिरी आदमी थे और आप इसे एक लीजेंड और हीरो के तौर पर छोड़ गए।'
मेडल ऑफ ऑनर का महत्व और ऐतिहासिक संदर्भ
मेडल ऑफ ऑनर अमेरिकी सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो उन सेवा सदस्यों को प्रदान किया जाता है जो ड्यूटी की सीमाओं से परे जाकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए 'वीरता और निडरता' से अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। यह सम्मान अमेरिकी सैन्य इतिहास में अत्यंत दुर्लभ और प्रतिष्ठित माना जाता है। ये पुरस्कार ऐसे समय में दिए गए हैं जब अमेरिका 2026 में अपनी स्थापना की 250वीं सालगिरह की ओर अग्रसर है — जो इस सम्मान समारोह को और अधिक ऐतिहासिक महत्व प्रदान करता है।