5 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रंप ने तीन अमेरिकी सैन्य नायकों को मेडल ऑफ ऑनर से नवाज़ा, वियतनाम से अफगानिस्तान तक की वीरगाथा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप ने तीन अमेरिकी सैन्य नायकों को मेडल ऑफ ऑनर से नवाज़ा, वियतनाम से अफगानिस्तान तक की वीरगाथा

सारांश

वियतनाम के जंगलों से लेकर अफगानिस्तान के पहाड़ों तक — राष्ट्रपति ट्रंप ने तीन ऐसे सैन्य नायकों को सम्मानित किया जिनकी वीरगाथाएँ दशकों तक अनसुनी रहीं। कैपर्स को तो पाँच दशक बाद न्याय मिला। अमेरिका की 250वीं सालगिरह की पूर्वसंध्या पर यह समारोह महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय कृतज्ञता का प्रतीक बना।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 जून 2026 को व्हाइट हाउस में तीन सैन्य नायकों को मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया।
रिटायर्ड मरीन मेजर जेम्स कैपर्स जूनियर को 1967 के वियतनाम मिशन के लिए सम्मान मिला — पाँच दशक की प्रतीक्षा के बाद, क्योंकि उनके कमांडिंग ऑफिसर की मृत्यु से पेपरवर्क रुक गया था।
मरणोपरांत सम्मानित कर्नल जॉन डब्ल्यू.
रिप्ले ने 2 अप्रैल 1972 को पाँच घंटे में 500 पाउंड से अधिक विस्फोटक लगाकर पुल नष्ट किया और दुश्मन की अग्रिम बढ़त रोकी।
रिटायर्ड आर्मी मेजर निकोलस डॉकरी को अक्टूबर 2012 में अफगानिस्तान के कपिसा प्रांत में तालिबान हमले के दौरान घायल साथियों की रक्षा करने के लिए सम्मानित किया गया।
यह समारोह अमेरिका की स्थापना की 250वीं सालगिरह ( 2026 ) की पूर्वसंध्या पर आयोजित किया गया।
मेडल ऑफ ऑनर अमेरिकी सरकार का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो ड्यूटी से परे जाकर असाधारण वीरता दिखाने वाले सैनिकों को दिया जाता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 जून 2026 को व्हाइट हाउस में आयोजित एक विशेष समारोह में तीन सैन्य नायकों को अमेरिका के सर्वोच्च सैन्य सम्मान कांग्रेसनल मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। ये तीन नायक हैं — रिटायर्ड मरीन मेजर जेम्स कैपर्स जूनियर (वियतनाम युद्ध), रिटायर्ड आर्मी मेजर निकोलस डॉकरी (अफगानिस्तान युद्ध) और मरणोपरांत मरीन कर्नल जॉन डब्ल्यू. रिप्ले (वियतनाम युद्ध)। यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया जब अमेरिका 2026 में अपनी स्थापना की 250वीं सालगिरह मनाने की तैयारी में है।

राष्ट्रपति ट्रंप का संबोधन

समारोह में राष्ट्रपति ट्रंप ने तीनों सैनिकों को हिम्मत और कुर्बानी की अप्रतिम मिसाल बताया। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी सुरक्षा बलों के कमांडर इन चीफ के तौर पर सेवा करने से बड़ा कोई खास मौका मेरे लिए नहीं है। धरती पर अब तक के सबसे बहादुर और महान हीरो की 250 साल की परंपरा। लेकिन कुछ ही लोगों को हमारा सबसे बड़ा सैन्य सम्मान, कांग्रेसनल मेडल ऑफ ऑनर मिला है।' ट्रंप ने समापन में कहा कि देश उन सैनिकों का हमेशा कर्जदार रहेगा जिन्होंने युद्धभूमि पर अपनी जान जोखिम में डाली।

जेम्स कैपर्स जूनियर: पाँच दशक की प्रतीक्षा का अंत

मेजर जेम्स कैपर्स जूनियर को 1967 में वियतनाम में चार दिवसीय टोही मिशन के दौरान प्रदर्शित असाधारण साहस के लिए यह सम्मान मिला। व्हाइट हाउस के अनुसार, तत्कालीन सेकंड लेफ्टिनेंट कैपर्स और उनकी टीम ने उत्तरी वियतनामी रेजिमेंटल बेस कैंप की टोह लेते हुए दुश्मन की बड़ी सेना से बार-बार भिड़ंत की। कई गंभीर चोटें लगने के बावजूद उन्होंने अपने सैनिकों का नेतृत्व जारी रखा, सपोर्टिंग फायर को समन्वित किया और निकासी का निर्देशन किया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया, 'उनके सभी साथी घायल हो गए, लेकिन जेम्स एक पैर पर उठ खड़े हुए और आगे बढ़ते गए। मुश्किल से होश में आने पर, उन्होंने पूरे एक घंटे तक क्लोज एयर सपोर्ट के लिए कॉल किया।' गौरतलब है कि क्लोज एयर सपोर्ट एक सैन्य हवाई रणनीति है जिसमें लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों द्वारा जमीन पर लड़ रही मित्र सेनाओं के अत्यंत निकट स्थित दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि कैपर्स को 1967 में ही मेडल ऑफ ऑनर के लिए अनुशंसित किया गया था, किंतु उनके कमांडिंग ऑफिसर की असामयिक मृत्यु के कारण पेपरवर्क अधूरा रह गया और पुरस्कार प्रक्रिया रुक गई। ट्रंप ने कैपर्स से कहा, 'जेम्स, देश ने तुम्हें बहुत लंबा इंतजार करवाया।'

जॉन डब्ल्यू. रिप्ले: पुल विस्फोट से दुश्मन की अग्रिम बढ़त रोकी

मरणोपरांत सम्मानित कर्नल जॉन डब्ल्यू. रिप्ले को 2 अप्रैल 1972 को उत्तरी वियतनाम के एक बड़े आक्रमण के दौरान की गई कार्रवाई के लिए यह पुरस्कार दिया गया। तत्कालीन कैप्टन रिप्ले, एक वरिष्ठ मरीन सलाहकार के रूप में, दुश्मन की निरंतर गोलीबारी के बीच एक पुल के नीचे बार-बार चढ़े और 500 पाउंड से अधिक विस्फोटक स्थापित किए। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया, 'लगातार पाँच घंटे तक, वह विस्फोटक ले गए, चार्ज लगाए और हर एक तक प्राइमर कॉर्ड पहुँचाया। जब जॉन ने विस्फोट किया, तो पुल नदी में गिर गया, जिससे आगे बढ़ रही दुश्मन सेना रुक गई।'

निकोलस डॉकरी: अफगानिस्तान में घायल साथियों की ढाल बने

मेजर निकोलस डॉकरी को अक्टूबर 2012 में अफगानिस्तान के कपिसा प्रांत में तालिबान के हमले के दौरान प्रदर्शित असाधारण वीरता के लिए सम्मानित किया गया। व्हाइट हाउस के अनुसार, उन्होंने घायल सैनिकों को बचाने, जवाबी हमलों का नेतृत्व करने और हवाई सहायता का निर्देशन करते हुए बार-बार दुश्मन की गोलीबारी का सामना किया। ट्रंप ने कहा, 'जब उनके चारों ओर मोर्टार फायर की गड़गड़ाहट हो रही थी, निक ने अपने घायल साथी को अपने शरीर से कवर कर लिया। मेजर डॉकरी, आप उस दिन युद्ध के मैदान से जाने वाले आखिरी आदमी थे और आप इसे एक लीजेंड और हीरो के तौर पर छोड़ गए।'

मेडल ऑफ ऑनर का महत्व और ऐतिहासिक संदर्भ

मेडल ऑफ ऑनर अमेरिकी सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो उन सेवा सदस्यों को प्रदान किया जाता है जो ड्यूटी की सीमाओं से परे जाकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए 'वीरता और निडरता' से अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। यह सम्मान अमेरिकी सैन्य इतिहास में अत्यंत दुर्लभ और प्रतिष्ठित माना जाता है। ये पुरस्कार ऐसे समय में दिए गए हैं जब अमेरिका 2026 में अपनी स्थापना की 250वीं सालगिरह की ओर अग्रसर है — जो इस सम्मान समारोह को और अधिक ऐतिहासिक महत्व प्रदान करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु यह प्रश्न उठता है कि जीवित नायकों की पहचान में इतनी देरी क्यों? 250वीं सालगिरह की पृष्ठभूमि में यह समारोह राजनीतिक प्रतीकवाद और वास्तविक कृतज्ञता के बीच की महीन रेखा पर खड़ा है — असली श्रद्धांजलि वह होगी जब सिस्टम सुधरे ताकि कोई कैपर्स दोबारा दशकों तक प्रतीक्षा न करे।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेडल ऑफ ऑनर क्या है और यह किसे दिया जाता है?
मेडल ऑफ ऑनर अमेरिकी सरकार का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो उन सेवा सदस्यों को दिया जाता है जो ड्यूटी की सीमाओं से परे जाकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए असाधारण वीरता प्रदर्शित करते हैं। यह अमेरिकी सैन्य इतिहास में अत्यंत दुर्लभ और प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 19 जून 2026 को किन तीन सैनिकों को मेडल ऑफ ऑनर दिया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने रिटायर्ड मरीन मेजर जेम्स कैपर्स जूनियर (वियतनाम युद्ध, 1967), रिटायर्ड आर्मी मेजर निकोलस डॉकरी (अफगानिस्तान, अक्टूबर 2012) और मरणोपरांत मरीन कर्नल जॉन डब्ल्यू. रिप्ले (वियतनाम, 2 अप्रैल 1972) को यह सम्मान दिया। तीनों ने युद्धभूमि पर अपनी जान जोखिम में डालकर असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया था।
जेम्स कैपर्स जूनियर को पाँच दशक बाद सम्मान क्यों मिला?
कैपर्स को 1967 में ही मेडल ऑफ ऑनर के लिए अनुशंसित किया गया था, किंतु उनके कमांडिंग ऑफिसर की असामयिक मृत्यु के कारण पेपरवर्क अधूरा रह गया और पुरस्कार प्रक्रिया रुक गई। इस प्रशासनिक अवरोध के चलते उन्हें यह सम्मान पाने के लिए पाँच दशकों से अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी।
कर्नल जॉन डब्ल्यू. रिप्ले ने वियतनाम में क्या किया था?
2 अप्रैल 1972 को उत्तरी वियतनाम के बड़े आक्रमण के दौरान तत्कालीन कैप्टन रिप्ले ने लगातार पाँच घंटे तक दुश्मन की गोलीबारी के बीच एक पुल के नीचे बार-बार चढ़कर 500 पाउंड से अधिक विस्फोटक स्थापित किए। पुल नष्ट होने से दुश्मन की अग्रिम सेना की बढ़त रुक गई। उन्हें यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया।
मेजर निकोलस डॉकरी ने अफगानिस्तान में क्या वीरता दिखाई?
अक्टूबर 2012 में अफगानिस्तान के कपिसा प्रांत में तालिबान हमले के दौरान मेजर डॉकरी ने घायल सैनिकों को बचाया, जवाबी हमलों का नेतृत्व किया और हवाई सहायता का निर्देशन किया। मोर्टार फायर के बीच उन्होंने अपने घायल साथी को अपने शरीर से ढककर उसकी जान बचाई और वे युद्धभूमि छोड़ने वाले अंतिम सैनिक थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले