क्या ट्रंप के सीजफायर प्लान पर फ्रांस ने सहमति जताई?
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नई दिल्ली, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। गाजा में दो वर्षों से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना को भारत, फ्रांस और कई मुस्लिम देशों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। भारत, फ्रांस, सऊदी अरब, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, कतर और मिस्र जैसे देशों ने इस योजना पर अपनी सहमति जताई है। फ्रांस ने अपने समर्थन की पुष्टि करते हुए एक बयान भी जारी किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान सऊदी अरब के साथ गहन कूटनीतिक प्रयासों के बाद, फ्रांस ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा प्रस्तावित योजना का स्वागत किया है। फ्रांस इस योजना में शामिल सिद्धांतों का स्वागत करता है, जो 12 सितंबर को फ्रांस और सऊदी अरब की पहल पर अपनाए गए न्यूयॉर्क घोषणापत्र के अनुरूप हैं। ट्रंप के 20 सूत्रीय प्रस्ताव में गाजा में स्थायी युद्धविराम, सभी बंधकों की रिहाई, और संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता की व्यवस्था शामिल है।
अगले चरण में किसी भी विलय और जबरन विस्थापन को अस्वीकार किया गया है। हमास का निरस्त्रीकरण और बहिष्कार होगा। ट्रंप ने यह भी प्रस्तावित किया है कि गाजा के पुनर्निर्माण और क्षेत्र में फिलिस्तीनी प्राधिकरण की बहाली की दिशा में एक शासन व्यवस्था स्थापित की जाए, जो इजरायलियों और फिलिस्तीनियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इसके लिए फ्रांस ने न्यूयॉर्क में एक तैयारी बैठक की अध्यक्षता की।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि एक राजनीतिक प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाए, जिसका लक्ष्य इजरायल के साथ शांति और सुरक्षा के साथ रहने वाले एक फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना करना है। फ्रांस की ओर से साझा बयान में कहा गया है कि वह बिना किसी देरी के गाजा में संघर्षरत पक्षों से इस योजना को तुरंत लागू करने का आह्वान करता है, ताकि युद्ध समाप्त हो सके और शांति एवं सामूहिक सुरक्षा बहाल हो सके, जो फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार और इजरायली लोगों की सुरक्षा की गारंटी दे।
बयान में कहा गया है कि यह इजरायल को फ्रांस समेत अपने सहयोगियों का समर्थन प्राप्त करने, हमारे आकांक्षापूर्ण मजबूत संबंधों को बहाल करने और फिलिस्तीनी लोगों को निराशा और हिंसा से उबरने, आतंकवाद मुक्त भविष्य सुनिश्चित करने और उनकी वैध आकांक्षाओं की पूर्ति में सक्षम बनाने का एक निर्णायक क्षण है। फ्रांस संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल सरकार, फिलिस्तीनी प्राधिकरण और न्यूयॉर्क में एकत्रित सभी अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ इस योजना के कार्यान्वयन के लिए तत्पर है।
इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा, "यह वास्तव में एक ऐतिहासिक दिन है। सोमवार को व्हाइट हाउस में हमने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए एक व्यापक योजना की प्रस्तुति देखी, साथ ही एक भविष्य के लिए दृष्टिकोण भी। इस योजना को अरब देशों का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की इस योजना की प्रशंसा की है। इसे मुस्लिम देशों का समर्थन प्राप्त है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थित है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने समर्थन का ट्वीट किया है। हम इस योजना के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी के बहुत आभारी हैं।"
ट्रंप की गाजा शांति योजना पर राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि बंधकों की रिहाई के बाद, हम सुरक्षा मानकों तक पहुंचने तक पीली रेखा पर वापस चले जाएंगे। यह स्पष्ट है कि अब मिस्र और कतर की स्थिति मजबूत है, हमास पर अरबों की व्यापक सहमति है। संभावना है कि हमास अब इसे स्वीकार कर ले। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि गाजा का विकटपंथीकरण हो। यह आशा है, शायद यह संभव हो। हम इजरायल की आर्थिक सफलता को फिलिस्तीन के साथ साझा कर सकते हैं। हम हमास द्वारा बंधकों की रिहाई की समय-सीमा की उम्मीद कर रहे हैं।