7 नवंबर 2026
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स्टीफन मिलर बने व्हाइट हाउस के 33वें चीफ ऑफ स्टाफ, सूसी वाइल्स की लेंगे जगह

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स्टीफन मिलर बने व्हाइट हाउस के 33वें चीफ ऑफ स्टाफ, सूसी वाइल्स की लेंगे जगह

सारांश

ट्रंप ने आव्रजन नीति के सबसे आक्रामक चेहरे स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का 33वाँ चीफ ऑफ स्टाफ बनाया — यह सिर्फ एक पद-परिवर्तन नहीं, बल्कि आने वाले महीनों में अमेरिकी आव्रजन नीति के और सख्त होने का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 नवंबर 2026 को स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का 33वाँ चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया।
मिलर पहले डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर थे; वह सूसी वाइल्स की जगह लेंगे।
सूसी वाइल्स व्हाइट हाउस की पहली महिला चीफ ऑफ स्टाफ थीं; उनके नए दायित्व की अभी घोषणा नहीं हुई।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस , विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एफबीआई निदेशक काश पटेल ने नियुक्ति का स्वागत किया।
कैलिफोर्निया के सीनेटर एलेक्स पाडिला समेत डेमोक्रेटिक पार्टी ने तीखा विरोध जताते हुए संसदीय जवाबदेही का संकल्प लिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 नवंबर 2026 को आव्रजन नीति के प्रमुख रणनीतिकार और अपने करीबी सहयोगी स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया। मिलर व्हाइट हाउस के 33वें चीफ ऑफ स्टाफ होंगे और मौजूदा चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स की जगह लेंगे।

नियुक्ति की घोषणा

ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस नियुक्ति की घोषणा करते हुए मिलर को 'अपना सबसे भरोसेमंद सलाहकार' बताया। उन्होंने लिखा कि मिलर फिलहाल प्रशासन में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं और अब व्हाइट हाउस के 33वें चीफ ऑफ स्टाफ होंगे। व्हाइट हाउस ने भी इस नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि की।

ट्रंप ने सूसी वाइल्स के योगदान की सराहना करते हुए कहा, 'उन्होंने चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में शानदार काम किया है। मैं उनका आभार जताता हूँ।' हालाँकि, राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वाइल्स को उनके राजनीतिक संगठन में कौन-सा नया पद या ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी।

मिलर की भूमिका और पृष्ठभूमि

स्टीफन मिलर दोनों ट्रंप प्रशासनों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। आव्रजन और घरेलू नीतियों पर उनके गहरे प्रभाव ने उन्हें अमेरिकी राजनीति में एक प्रमुख और विवादास्पद चेहरा बना दिया है। नए पद पर वह व्हाइट हाउस के समग्र कामकाज, राष्ट्रपति तक वरिष्ठ अधिकारियों की पहुँच और नीतिगत समन्वय की अहम ज़िम्मेदारी संभालेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति पहले से ही तीव्र बहस के केंद्र में है।

सहयोगियों की प्रतिक्रिया

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिलर की नियुक्ति का स्वागत करते हुए उन्हें 'देशभक्त' बताया और सूसी वाइल्स की सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वाइल्स के नेतृत्व की प्रशंसा की और राष्ट्रपति के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मिलर के साथ काम करने की उत्सुकता जताई।

एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि वह पहले ट्रंप प्रशासन के समय से ही मिलर को जानते हैं और उनकी प्रतिबद्धता पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति की टीम का प्रभावी नेतृत्व करेंगे। व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने भी मिलर की तारीफ करते हुए कहा कि ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उनसे बड़ा समर्थक कोई नहीं है।

डेमोक्रेट्स की तीखी प्रतिक्रिया

इस नियुक्ति पर डेमोक्रेटिक पार्टी ने कड़ा विरोध जताया। कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पाडिला ने कहा कि मिलर को इस पद पर लाकर ट्रंप ने अपनी आव्रजन नीति को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। पाडिला ने कहा, 'ट्रंप अपने रुख पर और सख्त हो रहे हैं, तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे।'

पाडिला ने मिलर पर परिवारों को अलग करने, आव्रजन छापेमारी और गिरफ्तारी के लक्ष्य तय करने जैसी नीतियों को आकार देने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, इन अभियानों के कारण कैलिफोर्निया के कई इलाकों, स्कूलों और कार्यस्थलों में डर का माहौल बना है। डेमोक्रेट सांसद निगरानी, जाँच, समन जारी करने और संघीय फंडिंग पर अपने अधिकारों का उपयोग कर प्रशासन की नीतियों की जवाबदेही तय करने का प्रयास करेंगे।

सूसी वाइल्स की विरासत

सूसी वाइल्स ने ट्रंप के 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी और वह व्हाइट हाउस की पहली महिला चीफ ऑफ स्टाफ बनी थीं। अपने कार्यकाल में वह राष्ट्रपति कार्यालय के कर्मचारियों, नीतिगत समन्वय, कार्यक्रमों और वरिष्ठ सलाहकारों के साथ संपर्क की ज़िम्मेदारी संभालती रही थीं। गौरतलब है कि प्रशासन में उनके नए दायित्व को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मिलर की नियुक्ति आगामी हफ्तों में ट्रंप प्रशासन की आव्रजन और घरेलू नीति की दिशा को और स्पष्ट करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या संसदीय विरोध नीतिगत दिशा बदलने में सक्षम होगा या केवल प्रतिरोध का प्रतीक बनकर रह जाएगा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि सूसी वाइल्स के भविष्य की भूमिका को लेकर गोपनीयता खुद अपनी कहानी कह रही है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का चीफ ऑफ स्टाफ क्यों नियुक्त किया गया?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिलर को अपना सबसे भरोसेमंद सलाहकार बताते हुए उन्हें यह पद सौंपा। मिलर पहले से डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में प्रशासन में सक्रिय थे और ट्रंप की सख्त आव्रजन नीति के मुख्य रणनीतिकार रहे हैं।
सूसी वाइल्स की जगह क्यों ली गई और वे अब क्या करेंगी?
ट्रंप ने वाइल्स के काम की सराहना की और कहा कि उन्होंने चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में 'शानदार काम' किया। हालाँकि, उनके नए पद या ज़िम्मेदारी की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
स्टीफन मिलर कौन हैं और उनकी भूमिका क्या होगी?
मिलर दोनों ट्रंप प्रशासनों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं और आव्रजन व घरेलू नीतियों के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते हैं। 33वें चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में वे व्हाइट हाउस के कामकाज, नीतिगत समन्वय और राष्ट्रपति तक वरिष्ठ अधिकारियों की पहुँच का प्रबंधन करेंगे।
डेमोक्रेट्स ने इस नियुक्ति पर क्या कहा?
कैलिफोर्निया के सीनेटर एलेक्स पाडिला ने कहा कि यह नियुक्ति आव्रजन नीति को और आक्रामक बनाने का संकेत है। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट सांसद निगरानी, जाँच और संघीय फंडिंग पर अपने अधिकारों का उपयोग कर प्रशासन को जवाबदेह ठहराएँगे।
इस नियुक्ति का अमेरिकी आव्रजन नीति पर क्या असर पड़ेगा?
विश्लेषकों के अनुसार, मिलर की नियुक्ति ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति के और सख्त होने का संकेत है। मिलर पर परिवारों को अलग करने और छापेमारी अभियानों को आकार देने के आरोप पहले से हैं, और अब उनके पास नीति-निर्माण में और अधिक प्रभाव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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