यूक्रेन रक्षा मंत्री खमारा ने ईयू से माँगे हथियार, बोले- 'पुतिन को हार का एहसास कराना होगा'
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के रक्षा मंत्री येवगेनी खमारा ने 29 सितंबर को विदेश मामलों की परिषद की बैठक में यूरोपीय संघ (ईयू) के रक्षा मंत्रियों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि रूस का मूल उद्देश्य नहीं बदला है — वह पूरे यूक्रेन पर नियंत्रण स्थापित करना चाहता है। खमारा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि युद्ध को रोकने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यह विश्वास दिलाना होगा कि रूस यह संघर्ष हार सकता है, और इसके लिए यूक्रेन को तत्काल सैन्य सहायता चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
यूक्रेन रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर खमारा के बयान साझा किए। बैठक में खमारा ने कहा, 'रूस का मकसद नहीं बदला है। वह पूरे यूक्रेन को अपने अधीन करना चाहता है। युद्ध रोकने के लिए पुतिन को यह समझना होगा कि रूस हार सकता है। इसके लिए हमें ताकत की जरूरत है।'
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन वर्षों से अधिक बीत चुके हैं और यूक्रेन के मोर्चों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
यूक्रेन की रक्षा माँगें
खमारा ने बैठक में यूक्रेन की कई अहम सैन्य जरूरतें गिनाईं। इनमें शामिल हैं — जेट-चालित शाहेद ड्रोन को रोकने के लिए कम लागत वाले इंटरसेप्टर, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, कंधे से दागी जाने वाली एयर डिफेंस मिसाइलें (मैनपैड्स), एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए गोला-बारूद एवं हथियार, और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइलें।
यूक्रेन ने विशेष रूप से माँग की है कि जिन पैट्रियट मिसाइलों की आपूर्ति भविष्य में होनी है, उनके बदले ईयू अपने मौजूदा स्टॉक से अभी मिसाइलें उपलब्ध कराए।
वित्तीय सहायता की माँग
खमारा ने कहा कि यूक्रेन को अतिरिक्त $27 अरब डॉलर की आवश्यकता है। इसमें से करीब एक-तिहाई राशि उन ड्रोन के लिए अग्रिम भुगतान के रूप में चाहिए, जिनकी आपूर्ति 2027 की शुरुआत में होनी है।
उन्होंने यह भी माँग की कि 2027 में मिलने वाले ईयू ऋण को एक वर्ष पहले यानी 2026 में ही उपलब्ध कराया जाए। इसके अतिरिक्त, 'सेफ' (SAFE) कोष के तहत बची हुई राशि को यूक्रेन पर खर्च किया जाए और अलग-अलग सदस्य देश भी अपने स्तर पर अतिरिक्त फंडिंग दें।
समय की तात्कालिकता
खमारा ने ईयू मंत्रियों को चेताया कि यह धनराशि इसी वर्ष शरद ऋतु में चाहिए। उनका तर्क था कि हथियार निर्माता कंपनियों को आवश्यक पुर्जे खरीदने और तय समयसीमा के भीतर ड्रोन तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है।
गौरतलब है कि यूक्रेन पहले भी ईयू से सैन्य सहायता में तेजी लाने की अपील करता रहा है, और यह माँग उस दीर्घकालिक दबाव की कड़ी है जो कीव यूरोपीय राजधानियों पर डालता आया है।
आगे क्या
ईयू रक्षा मंत्रियों की इस बैठक में लिए गए निर्णयों पर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आनी बाकी है। यूक्रेन की इन माँगों पर ब्लॉक के भीतर आम सहमति बनना जरूरी होगा, जो ऐतिहासिक रूप से एक जटिल प्रक्रिया रही है। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि ईयू किस हद तक यूक्रेन की तत्काल जरूरतों को पूरा कर सकता है।