19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेलेंस्की का खुलासा: तीन दिन तक अमेरिका ने रूसी बैलिस्टिक मिसाइल चेतावनी रोकी, यूक्रेन रहा अंधेरे में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेलेंस्की का खुलासा: तीन दिन तक अमेरिका ने रूसी बैलिस्टिक मिसाइल चेतावनी रोकी, यूक्रेन रहा अंधेरे में

सारांश

जेलेंस्की का यह खुलासा महज एक तकनीकी खामी की कहानी नहीं — यह अमेरिका यूक्रेन सैन्य खुफिया साझेदारी में उभरती दरार का संकेत है। तीन दिनों तक बैलिस्टिक मिसाइल चेतावनी का अभाव युद्धक्षेत्र में जानलेवा साबित हो सकता था, और अब दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयान इस संकट की गहराई को और बढ़ा रहे हैं।

मुख्य बातें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि तीन दिनों तक अमेरिका ने रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पूर्व चेतावनी देने वाली खुफिया जानकारी साझा नहीं की।
जेलेंस्की के अनुसार, स्टारलिंक पर लगाई गई पाबंदियां अभी पूरी तरह नहीं हटाई गई हैं और कुछ सीमाएं अब भी बरकरार हैं।
यूक्रेनी अधिकारियों का मानना है कि स्टारलिंक पाबंदी का निर्देश अमेरिकी सरकार की ओर से आया था, जिसे स्पेसएक्स ने तकनीकी रूप से लागू किया।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जेलेंस्की के दावों को खारिज किया; कहा — ट्रंप प्रशासन में किसी ने ऐसा आदेश नहीं दिया।
फरवरी 2022 से अमेरिकी खुफिया जानकारी और सैटेलाइट सेवाएं यूक्रेन की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाती आई हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 19 अक्टूबर 2026 को यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि तीन दिनों तक अमेरिका ने यूक्रेन को रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पूर्व चेतावनी देने वाली खुफिया जानकारी साझा नहीं की। यह जानकारी केवल अमेरिकी प्रणाली से ही उपलब्ध हो सकती है और इसके अभाव में यूक्रेनी सेना मिसाइल हमलों को पहले से भाँप पाने में असमर्थ रही।

मुख्य घटनाक्रम

जेलेंस्की ने अमेरिकी टेलीविजन कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' (एनबीसी) को दिए इंटरव्यू में बताया कि उक्त तीन दिनों के दौरान यूक्रेन को यूरोपीय देशों और अन्य साझेदारों से खुफिया जानकारी मिलती रही, परंतु उनकी क्षमता अमेरिकी प्रणाली के समकक्ष नहीं है। उन्होंने कहा, "हम रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को पहले से नहीं देख पा रहे थे।"

जेलेंस्की के अनुसार, बाद में अमेरिका ने यह व्यवस्था पुनः बहाल कर दी। उन्होंने कहा, "कुछ समय के लिए इसे रोक दिया गया था। बाद में अमेरिकी पक्ष ने इसे फिर से शुरू कर दिया। इसके लिए हम बहुत आभारी हैं।"

स्टारलिंक पाबंदी पर विवाद

जेलेंस्की ने स्टारलिंक — एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क — पर लगाई गई पाबंदियों पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि यह फैसला अमेरिकी सरकार की ओर से आया था और स्पेसएक्स ने वाशिंगटन के निर्देश पर इसे तकनीकी रूप से लागू किया। उन्होंने कहा, "संदेश निश्चित रूप से सरकार की तरफ से आया था। मुझे नहीं पता कि किस विभाग या किस अधिकारी की ओर से।"

जेलेंस्की ने यह भी स्वीकार किया कि सैटेलाइट सेवाएं अभी पूरी तरह बहाल नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं। अभी भी कुछ सीमाएं हैं।"

अमेरिका की प्रतिक्रिया

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने उसी कार्यक्रम में अलग इंटरव्यू के दौरान जेलेंस्की के दावों को खारिज किया। बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने स्टारलिंक पर ऐसी कोई पाबंदी लगाने का आदेश नहीं दिया।

बेसेंट ने जेलेंस्की के आरोपों को 'गैर जिम्मेदाराना' करार देते हुए कहा, "मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, लेकिन हमने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है।" दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के कारण यह मामला अभी भी अनुत्तरित है।

आम जनता और यूक्रेन पर असर

गौरतलब है कि फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किए जाने के बाद से अमेरिकी खुफिया जानकारी, हथियार और सैटेलाइट संचार सेवाएं यूक्रेन की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाती आई हैं — विशेष रूप से मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने में। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय देशों का समर्थन बढ़ने के बावजूद यूक्रेन अमेरिकी सैन्य सहायता पर काफी हद तक निर्भर है। उनके शब्दों में, "अगर अमेरिका का समर्थन न हो, तो स्थिति बहुत मुश्किल हो जाती है।"

क्या होगा आगे

यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के बीच कथित तौर पर तनाव बढ़ रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच यह सवाल केंद्र में है कि खुफिया जानकारी साझा करने में रुकावट कैसे आई और क्या भविष्य में भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस प्रकरण से अमेरिका यूक्रेन के बीच सैन्य खुफिया साझेदारी की विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे 'तकनीकी गड़बड़ी' या 'राजनीतिक दबाव' — किसी भी कारण से जोड़ें, दोनों ही परिदृश्य यूक्रेन के लिए चिंताजनक हैं। बेसेंट का खंडन और जेलेंस्की का दावा परस्पर विरोधी हैं, लेकिन यह तथ्य कि यूक्रेन ने इसे सार्वजनिक रूप से उठाया, दर्शाता है कि वाशिंगटन कीव संबंधों में भरोसे की दरार गहरी हो रही है — जो ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में पहले से ही कमज़ोर थी।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेलेंस्की ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया है?
जेलेंस्की ने कहा कि तीन दिनों तक अमेरिका ने यूक्रेन को रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पूर्व चेतावनी देने वाली खुफिया जानकारी साझा नहीं की। यह जानकारी केवल अमेरिकी प्रणाली से ही उपलब्ध हो सकती है और इसके अभाव में यूक्रेनी सेना मिसाइल हमलों को पहले से भाँप पाने में असमर्थ रही।
स्टारलिंक पर लगाई गई पाबंदियों का विवाद क्या है?
जेलेंस्की के अनुसार यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि स्पेसएक्स ने अमेरिकी सरकार के निर्देश पर स्टारलिंक सेवाओं पर तकनीकी पाबंदियाँ लगाईं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी कुछ सीमाएं बरकरार हैं और सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं हुई हैं।
अमेरिका ने जेलेंस्की के दावों पर क्या कहा?
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जेलेंस्की के आरोपों को गैर जिम्मेदाराना बताया और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन में किसी ने स्टारलिंक पर पाबंदी का आदेश नहीं दिया।
अमेरिकी खुफिया जानकारी यूक्रेन के लिए क्यों इतनी महत्वपूर्ण है?
फरवरी 2022 में रूस के हमले के बाद से अमेरिकी खुफिया जानकारी, हथियार और सैटेलाइट संचार सेवाएं यूक्रेन की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाती आई हैं। खासकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की पूर्व चेतावनी केवल अमेरिकी प्रणाली से ही संभव है, जो यूक्रेन को समय पर बचाव के उपाय करने में सक्षम बनाती है।
क्या यूरोपीय देश अमेरिका की जगह यूक्रेन को खुफिया जानकारी दे सकते हैं?
जेलेंस्की ने स्वयं स्वीकार किया कि यूरोपीय देश और अन्य साझेदार खुफिया जानकारी देते हैं, लेकिन उनकी क्षमता अमेरिकी प्रणाली के समकक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की विशेष पूर्व चेतावनी देने में केवल अमेरिका ही सक्षम है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले