क्या वेनेजुएला संकट से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ेगी, सोने-चांदी की कीमतों में होगी तेजी?
सारांश
Key Takeaways
- वेनेजुएला संकट से वैश्विक बाजार में तनाव बढ़ा है।
- सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
- तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी का खतरा है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ेगी।
मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला से संबंधित एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक घटना के बाद, 2026 का पहला कारोबारी हफ्ता वैश्विक बाजारों के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है।
शुक्रवार की रात को, अमेरिका ने वेनेजुएला पर एक बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया। इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा की कि अब वेनेजुएला पर अमेरिका का नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि जब तक वहां की स्थिति स्थिर नहीं हो जाती, तब तक अमेरिका ही वेनेजुएला का संचालन करेगा।
अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर नशीले पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाया है, जो कि एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना है।
इस घटना के बाद निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश विकल्पों जैसे सोना और चांदी पर अधिक केंद्रित हो गया है। इसके साथ ही, तेल की कीमतों में वृद्धि की संभावना है, क्योंकि तेल की आपूर्ति में रुकावट आने का डर है।
इसके अलावा, इससे ऊर्जा बाजार (तेल और गैस) में हलचल हो सकती है और लोग सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर सकते हैं।
2026 की शुरुआत सोने के लिए सकारात्मक रही है। सोने की कीमत 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 4,370 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है। इसका कारण वैश्विक तनाव और इस साल अमेरिका द्वारा ब्याज दरों में कमी की संभावना है।
वहीं, चांदी की कीमत भी 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 73 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। डॉलर की कमजोरी, चांदी की कमी और फैक्ट्रियों में बढ़ती मांग ने कीमतों को सहारा दिया है।
हालांकि, पूरे हफ्ते को ध्यान में रखते हुए, पिछले साल की तेज वृद्धि के बाद सोने और चांदी में मुनाफावसूली भी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 5 प्रतिशत और चांदी 8 प्रतिशत से अधिक गिर गई।
भारत में, एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स की कीमतों में हफ्ते की शुरुआत में तेज गिरावट देखी गई, जो पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट थी। इसके बाद कीमतें अधिक ऊपर-नीचे नहीं हुईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सोने की कीमतें एक निश्चित स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो उनमें फिर से वृद्धि हो सकती है। लेकिन यदि यह स्तर टूट जाता है, तो कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
तेल की कीमतें भी साल की शुरुआत में बढ़ी हैं। डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल हफ्ते के अंत में लगभग 57.3 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। 2025 में तेल की कीमतें लगभग 20 प्रतिशत गिर गई थीं, क्योंकि बाजार में तेल की अधिकता थी।
अब वेनेजुएला से जुड़ा तनाव और रूस-यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमलों ने तेल बाजार में जोखिम बढ़ा दिया है।
साल की शुरुआत में बेस मेटल्स (जैसे तांबा और एल्यूमीनियम) की कीमतों में भी तेजी देखी गई है। तांबा रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया और एल्युमिनियम 2022 के बाद पहली बार 3,000 डॉलर प्रति टन के पार चला गया। एशियाई बाजारों में मजबूत मांग से इनकी कीमतों को सहारा मिला है।