PM मोदी के चेन्नई दौरे से पहले 15,000 पुलिसकर्मी तैनात, पाँच स्तरीय सुरक्षा घेरा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 11 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित चेन्नई यात्रा से ठीक एक दिन पहले, ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने पूरे शहर में 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ पाँच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। कार्यक्रम स्थलों, परिवहन केंद्रों और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित यात्रा मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस आयुक्त ए. अमलराज ने वेपेरी स्थित कमिश्नरेट में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन स्थानों पर सुरक्षा तैनाती और प्रबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई, जहाँ प्रधानमंत्री के जाने की संभावना है।
सुरक्षा घेरे में चेन्नई हवाई अड्डा, पोरूर बाईपास मेट्रो रेलवे स्टेशन, कोटूरपुरम स्थित आईआईटी-मद्रास परिसर, नंदंबक्कम स्थित चेन्नई ट्रेड सेंटर और गिंडी लोक भवन के साथ-साथ उनके आसपास के इलाके भी शामिल हैं।
सुरक्षाबलों की संरचना
इस तैनाती में अतिरिक्त, संयुक्त, उप और सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं, जिन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध और यातायात विभागों के कर्मियों का सहयोग प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, सशस्त्र रिज़र्व कर्मी, कमांडो और तमिलनाडु विशेष पुलिस के सदस्य भी इस सुरक्षा अभियान का हिस्सा हैं।
आयोजन स्थलों की सुरक्षा के साथ-साथ उन प्रमुख सड़कों पर निगरानी बढ़ाई गई है जिनका उपयोग प्रधानमंत्री के काफिले द्वारा किए जाने की संभावना है। रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
रेड ज़ोन और प्रतिबंध
पुलिस ने 10 अक्टूबर को मीनांबक्कम, गुइंडी, कोट्टूरपुरम, पोरूर और नंदंबक्कम के आसपास के इलाकों को रेड ज़ोन घोषित कर दिया है। इन अधिसूचित क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों और अन्य मानवरहित हवाई वस्तुओं का उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
गौरतलब है कि ये प्रतिबंध प्रधानमंत्री की आवाजाही के लिए निर्धारित मार्गों पर भी समान रूप से लागू होते हैं।
व्यापक निगरानी उपाय
संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए विशेष टीमें लॉज, गेस्ट हाउस, स्टार होटल और अन्य आवासीय सुविधाओं में गहन निरीक्षण कर रही हैं। यात्रा से पहले वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नज़र रखने के उद्देश्य से चेन्नई की प्रमुख सड़कों पर वाहन-जाँच भी तेज़ कर दी गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी की दक्षिण भारतीय शहरों की यात्राओं में सुरक्षा प्रबंध पहले से ही व्यापक पैमाने पर किए जाते रहे हैं। बढ़ी हुई निगरानी केवल कार्यक्रम स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यस्त सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और शहरी परिवहन नेटवर्क तक फैली हुई है।
आम जनता पर असर
रेड ज़ोन की घोषणा और वाहन-जाँच के कारण 11 अक्टूबर को चेन्नई के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे प्रधानमंत्री के प्रस्तावित मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। प्रशासन आवश्यकतानुसार यातायात परामर्श जारी करता रहेगा।