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क्या 2026 में शादी, गृह प्रवेश या नया काम शुरू करना शुभ है?

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क्या 2026 में शादी, गृह प्रवेश या नया काम शुरू करना शुभ है?

सारांश

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त देखना एक पुरानी परंपरा है। जानिए 2026 में कौन से दिन हैं शुभ, यदि आप शादी, गृह प्रवेश या नया कार्य शुरू करने की सोच रहे हैं।

मुख्य बातें

बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को है, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम है।
फुलेरा दूज 19 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा।
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को है, जिसका महत्व बहुत अधिक है।
गंगा दशहरा 25 मई 2026 को है, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम है।
देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को है, जब मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से पूर्व मुहूर्त देखने की प्रथा एक प्राचीन परंपरा है। आज भी लोग विवाह, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय या वाहन खरीदने से पहले शुभ दिन और समय का इंतजार करते हैं। यदि आप नए साल में शादी, गृह प्रवेश या कोई नया काम शुरू करने का विचार कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।

नए साल 2026 में कई महत्वपूर्ण अबूझ मुहूर्त आ रहे हैं, जिनमें आप बिना किसी चिंता के शुभ काम कर सकते हैं। अबूझ मुहर्त वे विशेष तिथियां होती हैं, जब बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। माना जाता है कि इन दिनों किए गए कार्य स्वतः ही शुभ फल देते हैं।

बसे पहले है बसंत पंचमी। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा होती है। बसंत पंचमी को विवाह, गृह प्रवेश और शिक्षा से संबंधित कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। साल 2026 में यह पर्व 23 जनवरी को पड़ेगा।

इसके बाद आता है फुलेरा दूज। यह फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा होती है। विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या नया काम शुरू करने के लिए यह दिन बहुत अच्छा माना जाता है। साल 2026 में फुलेरा दूज 19 फरवरी को होगी।

अक्षय तृतीया को सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। नया व्यापार शुरू करना, सोना-चांदी खरीदना या विवाह करना अत्यंत शुभ माना जाता है। साल 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी।

इसके बाद जानकी नवमी आती है, जो माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य सफल होते हैं। यह पर्व 25 अप्रैल को पड़ेगा।

गंगा दशहरा भी एक अबूझ मुहर्त है। इस दिन मां गंगा के धरती पर अवतरण का उत्सव मनाया जाता है। यह तिथि भी शुभ कार्यों के लिए उत्तम मानी जाती है। साल 2026 में गंगा दशहरा 25 मई को होगा।

वहीं साल के अंत में देवउठनी एकादशी आती है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाती है। इस दिन से शादियों और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। साल 2026 में देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को पड़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताती है कि कैसे लोग अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में शुभ तिथियों का ध्यान रखते हैं। यह एक प्रथा है, जो समाज के विभिन्न वर्गों में प्रचलित है और इसका महत्व समय के साथ बढ़ता जा रहा है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अबूझ मुहूर्त क्या है?
अबूझ मुहूर्त वह विशेष दिन होते हैं जब बिना किसी पंचांग के शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
क्या बसंत पंचमी पर विवाह करना शुभ है?
हाँ, बसंत पंचमी को विवाह, गृह प्रवेश और शिक्षा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
फुलेरा दूज कब मनाई जाती है?
फुलेरा दूज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है।
अक्षय तृतीया का महत्व क्या है?
अक्षय तृतीया को सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन नए व्यापार या विवाह करना शुभ होता है।
देवउठनी एकादशी कब होती है?
देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को पड़ रही है।
राष्ट्र प्रेस
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