29 पार्षदों को बंधकों की तरह होटल में क्यों रखा गया?

Click to start listening
29 पार्षदों को बंधकों की तरह होटल में क्यों रखा गया?

सारांश

क्या भाजपा-शिवसेना के बीच चल रही तकरार से महायुति के मेयर पद का सस्पेंस बढ़ गया है? प्रियंका चतुर्वेदी ने 29 पार्षदों को होटल में रखने के पीछे की सच्चाई को उजागर किया है। जानिए इस मामले में क्या है नया!

Key Takeaways

  • महायुति के मेयर पद के लिए सस्पेंस बरकरार है।
  • 29 पार्षदों को होटल में रखा गया है जो राजनीतिक दबाव का प्रतीक है।
  • प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा और शिवसेना के बीच जारी विवाद को उजागर किया।
  • राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में महायुति की जीत के बाद मेयर पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच, शिवसेना के पार्षदों को होटल में रखे जाने पर उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने हमला किया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यदि भाजपा-शिवसेना में सब कुछ ठीक होता तो 29 पार्षदों को होटल में नहीं रखा जाता।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "एकनाथ शिंदे ने खुद अपनी पार्टी से गद्दारी की है। उन्होंने महानगरपालिका चुनाव में पैसे और सत्ता के आधार पर चुनाव टिकट बांटे। इसलिए यह स्पष्ट है कि 29 पार्षदों को बंधकों की तरह एक होटल में रखा गया, क्योंकि एकनाथ शिंदे को पता है कि ये लोग उनके साथ नहीं हैं। उन्हें यह भी पता है कि उनके पार्षदों को लेने के लिए भाजपा तत्पर है।"

प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा, "एकनाथ शिंदे ने अपने पार्षदों को होटल में इसलिए भी रखा ताकि भाजपा पर दबाव बनाया जा सके, क्योंकि शिवसेना के समर्थन के बिना बीएमसी में भाजपा का मेयर नहीं आ सकता है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी जरूर है, लेकिन वह अपने दम पर मेयर नहीं बना सकती।" उन्होंने कहा, "भाजपा और शिवसेना में इसी बात को लेकर विवाद है कि मेयर किस पार्टी का बनेगा।"

महायुति को 'महाझूठा' गठबंधन बताते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "झूठ के आधार पर महायुति ने महाराष्ट्र में सत्ता हासिल की है। बीएमसी में भी झूठ के आधार पर सत्ता बनाने की कोशिश की जा रही है। बीएमसी और मुंबई की जनता से इन लोगों का कोई लेना-देना नहीं है।"

इसी बीच, शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने बांग्लादेश से भारत के अपने राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने के फैसले पर कहा, "वहां लगातार हत्याएं और मॉब लिंचिंग हो रही हैं। हिंदू अल्पसंख्यकों पर खतरा मंडरा रहा है और भारत विरोधी नफरत बढ़ रही है। यह राजनयिकों के परिवारों के लिए अनुकूल स्थिति नहीं है। इसीलिए उन्हें वापस बुलाया जा रहा है।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। भाजपा और शिवसेना के बीच सत्ता संघर्ष का असर आम जनता पर भी पड़ता है। हमें उम्मीद है कि राजनीतिक पार्टियां एकजुट होकर जनता के हित में काम करेंगी।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि 29 पार्षदों को बंधकों की तरह होटल में रखा गया है ताकि भाजपा पर दबाव बनाया जा सके।
एकनाथ शिंदे का क्या कहना है?
एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी से गद्दारी करने का आरोप लगाया है और कहा है कि उन्होंने चुनाव टिकट पैसे और सत्ता के आधार पर बांटे।
Nation Press