क्या एएमएमके ने एनडीए में शामिल होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिया?
सारांश
Key Takeaways
- एएमएमके का एनडीए में शामिल होना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है।
- टीटीवी दिनाकरण ने डीएमके के खिलाफ एकजुटता का संकेत दिया है।
- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने डीएमके सरकार को भ्रष्ट बताया है।
चेन्नई, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को बुधवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक समर्थन मिला, जब अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) ने औपचारिक रूप से एनडीए में शामिल होने की घोषणा की। एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरण के नेतृत्व में यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर एक उच्चस्तरीय बैठक और संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी उपस्थित रहे। पीयूष गोयल तमिलनाडु में भाजपा के चुनाव समन्वय के प्रभारी हैं।
घोषणा के तुरंत बाद एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने टीटीवी दिनाकरण का स्वागत करते हुए इसे एनडीए में एकता का स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुभकामनाएं दीं।
मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि एनडीए अब एक नए संकल्प के साथ डीएमके सरकार को हराने के लिए एकजुट हो रही है, जिसे उन्होंने “भ्रष्ट और जनविरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा कि ईपीएस, पीएमके नेता अनबुमणि रामदास और तमिल माणिला कांग्रेस (मूपनार) के अध्यक्ष जी.के. वासन सहित गठबंधन के वरिष्ठ नेता राज्य की मौजूदा सरकार के खिलाफ मजबूत विकल्प देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि डीएमके गठबंधन ने तमिलनाडु की जनता और संस्कृति के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा, “एनडीए एक परिवार की तरह एकजुट होकर इस कुशासन को समाप्त करने जा रहा है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनके परिवार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।”
वहीं, प्रेस वार्ता में टीटीवी दिनाकरण ने कहा कि उन्हें एनडीए में दोबारा शामिल होकर खुशी हो रही है और वह तमिलनाडु में गठबंधन को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हमने एक बार फिर एनडीए का हिस्सा बनने का निर्णय लिया है। पुराने मतभेदों को भुलाकर हमारा एकमात्र लक्ष्य डीएमके सरकार को सत्ता से हटाना है, जिसने तमिलनाडु की जनता को धोखा दिया है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एएमएमके का एनडीए में शामिल होना डीएमके विरोधी वोटों को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा है। सार्वजनिक समर्थन, साझा संदेश और समन्वित चुनाव प्रचार के जरिए एनडीए आने वाले महीनों में एक मजबूत और संगठित विपक्ष के रूप में खुद को प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है।
जैसे-जैसे तमिलनाडु में चुनावी मुकाबला तेज हो रहा है, एनडीए इस नए समीकरण के साथ एकजुटता और राजनीतिक गति दिखाने की कोशिश कर रहा है।