तमिलनाडु चुनाव: एनडीए ने 200 से अधिक सीटें जीतने का किया दावा, डीएमके के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए 200 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रहा है।
- भाजपा ने मतदाताओं से डीएमके के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।
- छोटे दलों के वोट को प्रभावी नहीं माना गया।
- मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- चुनाव प्रचार अब तेज हो गया है।
चेन्नई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल) से पहले राज्य में राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई है। इस संदर्भ में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने यह दावा किया है कि एआईएडीएमके-भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 234 सदस्यीय विधानसभा में 200 से अधिक सीटें जीतने में सफल हो सकता है।
प्रसाद ने आगे कहा कि एनडीए, जिसमें एआईएडीएमके, भाजपा, पीएमके, एएमएमके, तमिल मानिला कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल शामिल हैं, इस बार एक निर्णायक जीत की ओर अग्रसर है। उनका मुकाबला वर्तमान सत्ताधारी डीएमके-कांग्रेस गठबंधन से है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और सीमान की नाम तमिलर काची (एनटीके) भी चुनावी मैदान में हैं, लेकिन असली टकराव एनडीए और डीएमके गठबंधन के बीच ही होगा।
भाजपा प्रवक्ता ने मतदाताओं से अपील की कि यदि वे बदलाव की चाह रखते हैं, तो उन्हें एनडीए के पक्ष में एकजुट होकर मतदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे दलों को दिया गया वोट डीएमके को हराने में प्रभावी नहीं होगा।
प्रसाद ने यह भी कहा कि प्रारंभिक रुझान और जनमत सर्वेक्षणों से यह संकेत मिल रहा है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की डीएमके सरकार के खिलाफ एक माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अक्षमता और परिवारवाद के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने यह भी कहा कि डीएमके गठबंधन का कई छोटे दलों पर निर्भर रहना उसकी आंतरिक अनिश्चितता को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने शहरी प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार और सार्वजनिक सेवाओं में देरी जैसे मुद्दों को भी उठाया।
प्रसाद के अनुसार, एनडीए विकास, बेहतर प्रशासन और पारदर्शिता के मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरा है और खुद को डीएमके के विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।
नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव प्रचार ने तेज गति पकड़ी है। अब चुनाव के अंतिम चरण में तमिलनाडु में राजनीतिक मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है।