क्या 61 नक्सलियों का आत्मसमर्पण एक मील का पत्थर है?

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क्या 61 नक्सलियों का आत्मसमर्पण एक मील का पत्थर है?

सारांश

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने 61 नक्सलियों के आत्मसमर्पण को महत्वपूर्ण बताकर इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की ओर एक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है और नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ में 61 नक्सलियों का आत्मसमर्पण एक महत्वपूर्ण घटना है।
यह आत्मसमर्पण नक्सली संगठन को कमजोर करेगा।
मुख्यधारा में लौटने का निर्णय सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
सरकार नक्सलवाद के उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्ध है।
डीजी कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

रायपुर, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने 61 नक्सलियों के आत्मसमर्पण को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसका श्रेय देते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। विशेष बात यह है कि नक्सलियों के समूह से पोलित ब्यूरो के सदस्य ने भी मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है, जिससे नक्सली संगठन को गहरी चोट पहुंची है।

पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि इन नक्सलियों से 21 ऑटोमेटेड सहित कुल 56 हथियार बरामद किए गए हैं। इस प्रकार कई नक्सलियों ने मुख्यधारा का हिस्सा बनने का निर्णय लिया है, जिसे सभी को स्वागत करना चाहिए। आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया में और तेजी देखने को मिलेगी, जिससे समाज में सकारात्मक वातावरण बनेगा। हमारी सरकार नक्सलवाद उन्मूलन के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि बड़ी संख्या में नक्सली अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं, और इसे सभी को स्वागत करना चाहिए। अब उन्हें समझ आ रहा है कि किसी भी अच्छे कार्य के लिए जीना जरूरी है, न कि मरना

उन्होंने कहा कि जो नक्सली मुख्यधारा का हिस्सा बनना चाहते हैं, उनका स्वागत हमारी सरकार लाल कालीन बिछाकर कर रही है। इससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। लोग अब अपनी जान की फिक्र कर रहे हैं और समझ रहे हैं कि सकारात्मक और अच्छे रास्ते पर चलकर भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। हमें विश्वास है कि समय के साथ नक्सलवाद समाप्त होगा।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि डीजी कॉन्फ्रेंस का आयोजन 28, 29 और 30 नवंबर को छत्तीसगढ़ में होगा। इससे पहले कई राज्यों में भी डीजी कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो चुका है। इस आयोजन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और भविष्य की रूपरेखा निर्धारित की जाएगी। इस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।

डिप्टी सीएम ने कहा कि पाकिस्तान से बात करने का कोई सवाल नहीं उठता। आखिर ऐसे देश से बात किसलिए, जो केवल आतंकवादियों को संरक्षण देना जानता है। पाकिस्तान ने अब तक कुछ हासिल नहीं किया है, बल्कि यह केवल आतंकवादियों को ही संरक्षण देता है। ऐसे देश को वैश्विक मंच पर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

साथ ही, उन्होंने बिहार चुनाव के संदर्भ में भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने इस बार फिर से एनडीए को जिताने का मन बना लिया है। ऐसी स्थिति में हम बिहार की जनता को सहारा देने के लिए जाएंगे। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार फिर से बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने के लिए छत्तीसगढ़ के नेता बिहार के दौरे पर जाएंगे। हम वहां जाकर जनता से जुड़ी समस्याओं को उठाकर राजनीतिक स्थिति को एनडीए के पक्ष में करेंगे। मैं एक बार फिर से कहना चाहता हूं कि प्रदेश की स्थिति हमारे पक्ष में है। जनता को एनडीए की सरकार पर पूरा भरोसा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नक्सलियों का आत्मसमर्पण क्यों महत्वपूर्ण है?
यह आत्मसमर्पण न केवल नक्सलवादी संगठन को कमजोर करेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्या यह आत्मसमर्पण नक्सलवाद को खत्म करने में मदद करेगा?
हां, यदि और लोग मुख्यधारा में लौटते हैं, तो यह नक्सलवाद के उन्मूलन में मदद कर सकता है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किसे श्रेय दिया?
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसका श्रेय दिया।
डीजी कॉन्फ्रेंस कब होगी?
डीजी कॉन्फ्रेंस 28, 29 और 30 नवंबर को छत्तीसगढ़ में होगी।
बिहार चुनाव में एनडीए की स्थिति क्या है?
डिप्टी सीएम ने भरोसा जताया है कि बिहार की जनता फिर से एनडीए को जिताएगी।
राष्ट्र प्रेस
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