10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की?

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर राष्ट्रपति भवन में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके योगदान को याद किया गया। जानिए उनके जीवन के अनमोल क्षणों के बारे में।

मुख्य बातें

पूर्व राष्ट्रपति डॉ.
एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था।
उन्हें 'मिसाइल मैन' के नाम से जाना जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनकी जयंती 'विश्व विद्यार्थी दिवस' के रूप में मनाई जाती है।
कलाम का योगदान भारत के विकास में महत्वपूर्ण रहा है।

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर राष्ट्रपति भवन में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उन्होंने डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके देश के विकास में योगदान को याद किया।

राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट से साझा की गई जानकारी में कहा गया, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर राष्ट्रपति भवन में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।"

डॉ. अब्दुल कलाम, जिन्हें 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' और 'पीपल्स प्रेसिडेंट' के नाम से जाना जाता है, का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में देश को वैज्ञानिक उपलब्धियों और नेतृत्व की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में उनके योगदान के कारण भारत ने मिसाइल तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई।

डॉ. कलाम की जयंती को हर वर्ष देशभर में 'विश्व विद्यार्थी दिवस' के रूप में मनाया जाता है, ताकि शिक्षा और नवाचार के प्रति उनके समर्पण को याद किया जा सके।

बता दें कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 79वीं जयंती पर विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई। उसके बाद से ही अब तक प्रतिवर्ष विश्व छात्र दिवस को 15 अक्टूबर को मनाया जाने लगा।

वहीं दूसरी ओर, बुधवार को ही राष्ट्रपति भवन में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात राष्ट्रपति भवन में सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई।

इस बात की जानकारी राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के जरिए दी गई। पोस्ट में कहा गया, "केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का योगदान भारत के विकास में अद्वितीय है। उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करना न केवल एक परंपरा है, बल्कि हमारे युवाओं को उनके विचारों और दृष्टिकोणों को समझने का अवसर भी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म कब हुआ था?
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था।
डॉ. कलाम को किस नाम से जाना जाता है?
उन्हें 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' और 'पीपल्स प्रेसिडेंट' के नाम से जाना जाता है।
डॉ. कलाम की जयंती किस दिन मनाई जाती है?
उनकी जयंती 15 अक्टूबर को 'विश्व विद्यार्थी दिवस' के रूप में मनाई जाती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कब श्रद्धांजलि अर्पित की?
उन्होंने 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. कलाम के योगदान को कैसे याद किया जाता है?
उनके योगदान को शिक्षा और नवाचार के प्रति समर्पण के रूप में याद किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले