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राकेश सिन्हा: गांधी का नाम मिटने नहीं देंगे, मनरेगा की रक्षा करेंगे

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राकेश सिन्हा: गांधी का नाम मिटने नहीं देंगे, मनरेगा की रक्षा करेंगे

सारांश

झारखंड विधानसभा में 'वीबी जी राम जी' अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने गांधी के विचारों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

गांधी के नाम को मिटने नहीं देने की प्रतिबद्धता मनरेगा की सुरक्षा का महत्व झारखंड विधानसभा में 'वीबी जी राम जी' अधिनियम का विरोध गरीबों के अधिकारों की रक्षा जनगणना पूरी होने तक परिसीमन का रोकना

रांची, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड विधानसभा में ‘वीबी जी राम जी’ अधिनियम के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने विधानसभा में सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव की प्रशंसा की।

रांची में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि गांधी इस राष्ट्र की विचारधारा के प्रतीक हैं, और उनके बिना यह देश अधूरा है। यदि कोई गांधी का नाम मिटाने का प्रयास करता है, तो हम इसे होने नहीं देंगे। मनरेगा पर किसी भी प्रकार का हमला सहन नहीं किया जाएगा, गरीबों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। जनगणना पूर्ण होने तक परिसीमन को रोकने का संकल्प और विकास के साथ न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को लेकर हमारी लड़ाई निरंतर जारी है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा के सभी सदस्यों और मुख्यमंत्री को इस प्रस्ताव के लिए मेरी ओर से बधाई। इस प्रस्ताव को लाने के लिए सभी को सराहना मिलनी चाहिए।

फिल्म 'धुरंधर-2' के रिलीज पर चल रहे विवाद पर राकेश सिन्हा ने कहा कि 'केरल 1', 'केरल 2', 'धुरंधर 1' और 'धुरंधर 2' जैसी फिल्में केंद्र सरकार द्वारा बनाई जा रही हैं। मेरा मानना है कि इस प्रकार की फिल्मों से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, जिससे कहीं न कहीं मनोभावना पर असर पड़ता है।

झारखंड विधानसभा में ‘वीबी जी राम जी’ अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने पर झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि वर्ष 2005 में लागू मनरेगा झारखंड के ग्रामीण गरीबों के लिए एक जीवन रेखा है। इसने रोजगार, गरीबी उन्मूलन, पलायन रोकने और महिला सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रस्तावित अधिनियम, 2025 से रोजगार की कानूनी गारंटी को कमजोर करने की संभावना उत्पन्न करता है, राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ाने का खतरा है, ग्राम सभाओं की शक्तियों में कमी आएगी और डिजिटल जटिलताओं के कारण श्रमिकों को वंचित किया जा सकता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि मनरेगा के ढांचे को बनाए रखा जाए, केंद्र सरकार अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को निभाए और रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 दिन की जाए, ताकि झारखंड के लाखों गरीब परिवारों के हित सुरक्षित रह सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समस्त देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिरता पर प्रभाव डाल सकती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश सिन्हा ने किस अधिनियम का विरोध किया है?
राकेश सिन्हा ने झारखंड विधानसभा में 'वीबी जी राम जी' अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव का विरोध किया है।
राकेश सिन्हा का गांधी के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
राकेश सिन्हा का मानना है कि गांधी इस देश की विचारधारा हैं और उनके बिना यह राष्ट्र अधूरा है।
मनरेगा का महत्व क्या है?
मनरेगा झारखंड के ग्रामीण गरीबों के लिए जीवन रेखा है, जो रोजगार, गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राष्ट्र प्रेस
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