पुणे: येरवडा में PMC के खुदाई गड्ढे में गिरने से 69 वर्षीय की मौत, सुरक्षा पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के येरवडा इलाके में पुणे नगर निगम (PMC) की जल निकासी लाइन परियोजना के लिए खोदे गए 8 से 10 फुट गहरे गड्ढे में गिरने से एक 69 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे हुई इस घटना में मृतक प्रदीप परदेशी, जो येरवडा के निवासी थे, चित्रा चौक सब्जी मंडी के पास से गुजर रहे थे जब एक ऑटो रिक्शा ने कथित तौर पर उन्हें टक्कर मार दी और वे संतुलन खोकर गड्ढे में जा गिरे।
घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, प्रदीप परदेशी सड़क पर पैदल चल रहे थे, तभी पास से गुजर रहे एक ऑटो रिक्शा ने कथित तौर पर उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे खुली खुदाई में जा गिरे। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल येरवडा के शुभंकर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ शाम को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
लक्ष्मी नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक युवराज नंद्रे ने बताया कि उस स्थान पर पिछले 15 दिनों से जल निकासी लाइन का काम जारी था। उन्होंने यह भी कहा कि एहतियात के तौर पर खुदाई स्थल के चारों ओर बैरिकेड लगाए गए थे।
पुलिस को मिली जानकारी
नंद्रे के अनुसार, पुलिस को इस घटना की जानकारी 18 अक्टूबर 2026 की सुबह एक चिकित्सा-कानूनी मामले (MLC) की सूचना के माध्यम से हुई। प्रारंभिक सूचना में यह बताया गया था कि एक वाहन फिसलकर गड्ढे में गिर गया, जिससे व्यक्ति की मृत्यु हुई। पुलिस ने पूछताछ के बाद मृतक के परिवार से संपर्क किया और घटना का विस्तृत विवरण लिया।
नंद्रे ने बताया कि परिवार ने पुलिस को सूचित किया है कि वे अंतिम संस्कार के बाद थाने जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराएँगे। 18 अक्टूबर 2026 तक इस मामले में कोई औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। परिवार की शिकायत के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना नगरीय अवसंरचना परियोजनाओं के दौरान सड़क खुदाई स्थलों पर सुरक्षा उपायों की पर्याप्तता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहरों में सड़क निर्माण या पाइपलाइन की खुदाई के दौरान बैरिकेडिंग की लापरवाही के कारण दुर्घटनाएँ सामने आती रही हैं।
आलोचकों का कहना है कि महज बैरिकेड लगाना पर्याप्त नहीं है — भीड़भाड़ वाले बाज़ार और आवासीय इलाकों में रात के समय रोशनी, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती अनिवार्य होनी चाहिए।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परिवार की औपचारिक शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित ऑटो रिक्शा चालक और PMC की ओर से निर्माण-स्थल प्रबंधन में हुई संभावित लापरवाही की जाँच की जाएगी। यह मामला नगरीय निकायों के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना खुदाई कार्य जारी रखना घातक हो सकता है।