क्या आय से अधिक संपत्ति केस में मजीठिया को राहत मिलेगी? अगली सुनवाई 2 फरवरी को
सारांश
Key Takeaways
- बिक्रम सिंह मजीठिया को अभी राहत नहीं मिली है।
- अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।
- चार्जशीट में 700 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति का जिक्र है।
- भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग पर मामला केंद्रित है।
- सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका पर विचार किया जाएगा।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अभी तक सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत प्राप्त नहीं हुई है। सुनवाई के दौरान सरकार ने उनकी जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।
अदालत ने मजीठिया को जेल में खतरे को लेकर भी सवाल उठाए। मजीठिया के वकील ने अंतरिम जमानत की मांग की, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर इस पर विचार किया जाएगा।
मजीठिया को 25 जून को गिरफ्तार किया गया था। अमृतसर स्थित उनके आवास और 25 अन्य स्थानों पर विजिलेंस टीम ने छापेमारी की थी। इस दौरान डिजिटल उपकरण, प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स और वित्तीय रिकॉर्ड्स जब्त किए गए थे। 26 जून को उन्हें सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया, जिसे बाद में चार दिन बढ़ाया गया। 6 जुलाई से वह न्यायिक हिरासत में हैं और इस समय नाभा जेल में बंद हैं।
विजिलेंस ने 22 अगस्त को चार्जशीट दाखिल की, जो 40,000 पन्नों से अधिक की है। इसमें 200 से अधिक गवाहों के बयान भी शामिल हैं। यह मामला मूल रूप से 2013 की उस जांच से जुड़ा है, जिसमें 6,000 करोड़ के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ था। उस समय पूर्व डीएसपी जगदीश सिंह भोला ने मजीठिया का नाम जांच में लिया था।
हालांकि, ड्रग से जुड़े आरोप बाद में अदालत ने खारिज कर दिए। मौजूदा केस भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग पर केंद्रित है।
चार्जशीट में बताया गया है कि मजीठिया की 700 करोड़ रुपए की संपत्ति अवैध और बेमानी है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 15 जगहों की जांच के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई। इसमें कई अकाली और भाजपा नेताओं के बयान भी दर्ज हैं। विजिलेंस का कहना है कि उन्होंने तय समय पर चार्जशीट दाखिल की है।