अभिजीत सावंत के 20 साल: इंडियन आइडल विजेता से बिग बॉस मराठी के फर्स्ट रनर-अप तक का अनोखा सफर
सारांश
मुख्य बातें
अभिजीत सावंत — भारत के पहले इंडियन आइडल — 7 अक्टूबर 1981 को मुंबई के एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में जन्मे, और 2004 में देश के पहले सिंगिंग रियलिटी शो का खिताब जीतकर रातोंरात एक राष्ट्रीय चेहरा बन गए। उनके करियर के दो दशक पूरे हो रहे हैं, जिसमें गायकी, अभिनय, एंकरिंग और राजनीति — हर मोर्चे पर उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
शुरुआती जीवन और शिक्षा
अभिजीत का बचपन मुंबई के माहिम इलाके में बीता। उन्होंने राजे शिवाजी विद्यालय से स्कूली पढ़ाई की और बांद्रा के चेतना कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से स्नातक किया। अभिजीत खुद कई अवसरों पर स्वीकार कर चुके हैं कि पढ़ाई में वह औसत छात्र थे, मगर गायकी उनकी असली पहचान थी। उनके चाचा, जो एक प्रोफेशनल कलाकार थे, ने उन्हें संगीत की दुनिया में प्रोत्साहित किया। गायकी के साथ-साथ उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से साउंड इंजीनियरिंग और आईटी की भी पढ़ाई की, जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व की पहली झलक थी।
इंडियन आइडल: एक ऐतिहासिक जीत
2004 में जब इंडियन आइडल का पहला सीज़न शुरू हुआ, तब रियलिटी टेलीविजन भारत में नई अवधारणा थी। पॉप आइडल फॉर्मेट पर आधारित इस शो में अभिजीत की सादगी और सूफियाना आवाज़ ने दर्शकों को तुरंत मोह लिया। फाइनल में अमित सना को पछाड़कर वह भारत के पहले इंडियन आइडल बने — एक ऐसा खिताब जो आज भी उनकी पहचान का सबसे बड़ा हिस्सा है। गौरतलब है कि यह शो भारत में सिंगिंग रियलिटी कल्चर का आधार बना।
संगीत और बॉलीवुड में पहचान
इंडियन आइडल जीतने के तुरंत बाद उनका पहला सोलो एल्बम 'आपका अभिजीत सावंत' 14 अप्रैल 2005 को रिलीज़ हुआ और सुपरहिट रहा। उसी साल फिल्म 'आशिक बनाया आपने' में गाने 'मर जावां मिट जावां' से उन्होंने बॉलीवुड प्लेबैक की दुनिया में कदम रखा। दूसरा एल्बम 'जुनून' 10 जुलाई 2007 को आया, जिसका टाइटल ट्रैक चार्टबस्टर साबित हुआ। 2013 में तीसरा स्टूडियो एल्बम 'फरीदा' आया, जिसने उनकी सूफी शैली को और पुख्ता किया।
रियलिटी शोज़ में भी उनकी उपस्थिति बनी रही। 2008 में स्टार प्लस के 'जो जीता वही सुपर स्टार' में वह फर्स्ट रनर-अप रहे, जहाँ विभिन्न रियलिटी शोज़ के विजेताओं ने हिस्सा लिया था। एशियन आइडल में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और तीसरे स्थान पर रहे।
अभिनय, एंकरिंग और राजनीति
गायकी के दायरे से बाहर निकलते हुए अभिजीत ने 2009 में फिल्म 'लॉटरी' से अभिनय में कदम रखा। उन्होंने फिल्म 'तीस मार खान' में कैमियो भी किया और टीवी धारावाहिकों 'कैसा ये प्यार है' तथा 'सीआईडी' में विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। पत्नी शिल्पा के साथ 'नच बलिए सीज़न 4' में हिस्सा लेकर उन्होंने दांपत्य जीवन की भी सार्वजनिक झलक दी। बाद में हुसैन कुवाजेरवाला के साथ इंडियन आइडल सीज़न 5 को होस्ट भी किया। युवाओं से जुड़ाव के उद्देश्य से वह शिवसेना में भी शामिल हुए, जो उनके बहुआयामी करियर का राजनीतिक अध्याय है।
बिग बॉस मराठी और हालिया पारी
2024 में उन्होंने 'बिग बॉस मराठी सीज़न 5' में प्रवेश किया और अपने शांत व परिपक्व व्यवहार से दर्शकों का दिल जीतते हुए फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया। 2025 में वह 'सेलिब्रिटी मास्टरशेफ इंडिया' में भी नज़र आए। यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन उद्योग में पुराने रियलिटी शो विजेताओं की वापसी एक व्यापक चलन बन चुकी है।
2010 में एक विवाद भी उनके करियर से जुड़ा — सांता क्रूज़ में उनकी मित्र प्राजक्ता शुक्रे की कार एक स्कूटर से टकरा गई, और मदद के लिए उतरे अभिजीत पर भीड़ ने हमला कर दिया; पुलिस ने बाद में उन्हें बचाया। बीस वर्षों के इस सफर में संघर्ष, सादगी और निरंतरता ने अभिजीत सावंत को एक स्थायी सांस्कृतिक पहचान दी है, और उनकी आगे की पारी से उनके प्रशंसक अभी भी उम्मीदें रखते हैं।