क्या अबू धाबी डबल मर्डर केस का फरार आरोपी सीबीआई के हत्थे चढ़ा?
सारांश
Key Takeaways
- शमीम केके की गिरफ्तारी से हुई प्रगति
- 2020 का डबल मर्डर केस अब सीबीआई के हाथ में
- आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर
- व्यवसायिक मतभेदों का मामला
- साजिश और हत्या की योजना का खुलासा
नई दिल्ली, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2020 में अबू धाबी में घटित एक चर्चित डबल मर्डर मामले में फरार आरोपी शमीम केके को तमिलनाडु के चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। शमीम पिछले कई वर्षों से एजेंसियों की पकड़ से दूर था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था।
शमीम केके 10 मई 2022 से फरार चल रहा था। वह केरल पुलिस और सीबीआई दोनों मामलों में आरोपी है। उसकी लंबे समय से तलाश जारी थी और बाद में उसके खिलाफ दर्ज मामलों को अदालत से अलग-अलग किया गया था।
यह मामला सीबीआई ने 3 नवंबर 2022 को केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज किया था। हाईकोर्ट ने नीलांबुर पुलिस स्टेशन में दर्ज केस सीबीआई को ट्रांसफर किया था। यह केस भारतीय नागरिक हारिस थथम्मा परम्बिल और डेन्सी एंटनी की 5 मार्च 2020 को अबू धाबी में हुई रहस्यमयी मौत से जुड़ा था।
मृतक हारिस अबू धाबी में एक बिजनेस कंसल्टेंसी चलाते थे। हारिस का मित्र आरोपी शाइबिन अशरफ उनके साथ व्यवसायिक मतभेद और जलन के कारण दुश्मनी में था।
जांच के अनुसार, शाइबिन अशरफ ने हारिस की हत्या कर उसके बिजनेस और सेविंग्स हड़पने की साजिश रची। उसने अपने सहयोगियों को गल्फ देशों में भेजा और उनका पूरा खर्च वहन किया।
5 मार्च 2020 को हारिस और उनके साथ रह रहीं डेन्सी एंटनी की हत्या कर इसे आत्महत्या जैसा दिखाने का प्रयास किया गया।
सीबीआई की विस्तृत जांच के बाद 10 अक्टूबर 2024 को शाइबिन अशरफ, फरार आरोपी शमीम केके तथा अन्य सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
शमीम केके की गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित अंतरराष्ट्रीय केस में जांच एजेंसी को एक बड़ी सफलता मिली है।
इससे पहले, सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित स्वास्थ्य भवन के अतिरिक्त निदेशक, सीजीएचएस के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 12 अगस्त, 2025 को हुए एक जालसाजी मामले से संबंधित है, जिसमें आरोपी और एक अन्य व्यक्ति को 50 लाख रुपए की रिश्वत के रूप में 5 लाख रुपए की पहली किस्त लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।