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भारत में कृषि में आत्मनिर्भरता का नया दृष्टिकोण, फर्टिलाइजर की कमी पर चर्चा: डॉ. मांगीलाल जाट

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भारत में कृषि में आत्मनिर्भरता का नया दृष्टिकोण, फर्टिलाइजर की कमी पर चर्चा: डॉ. मांगीलाल जाट

सारांश

कृषि सचिव डॉ. मांगीलाल जाट ने भारत की कृषि में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों का जिक्र किया। उन्होंने फर्टिलाइजर की कमी और इससे संबंधित उपायों पर भी प्रकाश डाला।

मुख्य बातें

भारत कृषि में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
फर्टिलाइजर की कमी एक प्रमुख चिंता है।
सरकार सॉइल हेल्थ कार्ड का उपयोग बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
कृषि में डायवर्सिफिकेशन पर जोर दिया जा रहा है।

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार के कृषि सचिव डॉ. मांगीलाल जाट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हाल की स्थिति में फर्टिलाइजर की कमी को लेकर गहरी चिंता है। उन्होंने बताया कि सरकार सॉइल हेल्थ कार्ड के उपयोग को सुधारने और ऑर्गेनिक रिसोर्स के पुनः चक्रण को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि निर्भरता कम हो और इस समस्या का समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में 33 मिलियन टन उर्वरक का उपयोग बढ़ गया है, जिसमें से अधिकांश आयात किया जाता है। एक ओर आत्मनिर्भरता की बात की जा रही है, जबकि उर्वरक का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है; ऐसे में आत्मनिर्भरता कैसे संभव होगी? इस पर ध्यान देते हुए हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए एक समग्र रणनीति बनानी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी, जिससे हम चरणबद्ध तरीके से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकें। इस विषय पर नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (एमएएएस) द्वारा मंथन आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न सेक्टर के विशेषज्ञ और किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

उन्होंने बताया कि मंथन में रणनीतियों पर गहन चर्चा हुई। भारत सरकार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर विशेष ध्यान दिया है। पीएम मोदी ने इस कार्ड का एक मिशन लॉन्च किया है, जिसमें फर्टिलाइजर के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है।

उन्होंने कहा कि एआई और तकनीक का सहारा लेकर काम करने पर जोर दिया गया। चावल, गेहूं और अन्य फसलों में फर्टिलाइजर का ज्यादा उपयोग होता है। अगर धान और अन्य फसलों का डायवर्सिफिकेशन किया जाए, तो पल्सेज और ऑयल सीड्स में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इन फसलों में रासायनिक उर्वरक का उपयोग काफी कम होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फर्टिलाइजर की कमी एक गंभीर चिंता का विषय है, जिसे जल्द हल करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में फर्टिलाइजर की कमी का क्या कारण है?
फर्टिलाइजर की कमी का मुख्य कारण अधिकांश उर्वरक का आयात पर निर्भर होना है।
सरकार आत्मनिर्भरता के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार सॉइल हेल्थ कार्ड के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है और ऑर्गेनिक रिसोर्स के पुनः चक्रण पर ध्यान दे रही है।
कृषि में आत्मनिर्भरता के लिए क्या रणनीतियाँ बनाई जा रही हैं?
शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिए एक समग्र रणनीति बनाई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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