क्या अहिल्यानगर में नकली नोटों का कारोबार करने वाला गिरोह पकड़ा गया?
सारांश
मुख्य बातें
अहिल्यानगर, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में नकली नोटों के व्यापार में लिप्त तीन सदस्यों का एक गिरोह स्थानीय अपराध शाखा (लोकल क्राइम ब्रांच) द्वारा पकड़ा गया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये के नकली नोट जब्त किए। यह गिरोह नकली नोटों को बेचकर असली नोटों को हासिल कर लोगों को ठगने का काम कर रहा था।
अपराध शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि कायनेटिक चौक क्षेत्र में गिरोह नकली नोटों की बिक्री करने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने योजना बनाकर जाल बिछाया। कार्रवाई में तीन आरोपियों, इंद्रजीत पवार, दीपक भंडारकर और शरद शिंदे को गिरफ्तार किया गया। मौके से एक करोड़ रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह केवल नकली नोटों का व्यापार नहीं कर रहा था, बल्कि असली नोटों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए एक साजिश भी रच रहा था। आरोपी नकली नोटों को असली बताकर बेचते और इसके बदले असली नोट प्राप्त करते, जिन्हें फिर अन्य ठगी की घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता। अपराध शाखा ने बताया कि यह गिरोह संगठित तरीके से कार्य कर रहा था और शहर के विभिन्न हिस्सों में अपने नेटवर्क को फैला रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद नकली नोटों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये नोट कहां से आए और कितने लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। साथ ही, गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके ठिकानों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई से नकली नोटों के कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है। पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अनजान लोगों से लेनदेन में सतर्क रहें। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।