क्या शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में 31 अगस्त को होने वाली 'फतेह' रैली स्थगित की?

सारांश
Key Takeaways
- अकाली दल ने रैली को बाढ़ की स्थिति के कारण स्थगित किया।
- सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सहायता की अपील की।
- अरदास दिवस निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा।
- रैली स्थगन से पंजाब की राजनीति में बदलाव आ सकता है।
- पार्टी की 'लैंड पूलिंग पॉलिसी' पर प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है।
चंडीगढ़, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब सरकार के खिलाफ 31 अगस्त को आयोजित होने वाली 'फतेह' रैली को स्थगित कर दिया है। अकाली दल के प्रमुख नेता और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की।
दलजीत सिंह चीमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद 31 अगस्त को मोगा में होने वाली 'फतेह' रैली को स्थगित करने का निर्णय लिया है। पंजाब के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।"
अकाली नेता ने बताया, "सुखबीर सिंह बादल ने अपने सभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे राज्य के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनता की मदद करें। सभी नेताओं से कहा गया है कि जहां जरूरत हो, वहां जाकर पीड़ित परिवारों की सहायता करें।"
दलजीत सिंह चीमा ने यह भी बताया कि 28 अगस्त को सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब में होने वाला अरदास दिवस पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा।
याद रहे कि 'लैंड पूलिंग पॉलिसी' पर पंजाब सरकार का फैसला वापस लेने के बाद शिरोमणि अकाली दल ने इस रैली की घोषणा की थी। 22 अगस्त को अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया था, "दिल्ली से कुछ लोग (आम आदमी पार्टी के नेता) पंजाब के किसानों की जमीन लूटने आए थे, लेकिन वे पंजाब के जनता की ताकत के सामने टिक नहीं पाए। मैं पंजाब की जनता को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने 'लैंड पूलिंग पॉलिसी' का जमकर विरोध किया और दिल्ली के लोगों को वापस जाने पर मजबूर कर दिया। इसी के चलते अकाली दल मोगा में 'फतेह रैली' आयोजित करेगा।"
आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि जितने दिन यह लोग पंजाब में शासन करेंगे, उतने ही यह राज्य को बर्बाद करेंगे।