19 अगस्त 2026
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क्या ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद ने 9वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया?

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क्या ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद ने 9वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया?

सारांश

ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद ने 9वां स्थापना दिवस मनाते हुए अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाया, जहां उन्होंने 30 लाख मरीजों का सफल उपचार किया है। इस अवसर पर कई सम्मानित अतिथियों ने भाग लिया और संस्थान की भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।

मुख्य बातें

एआईआईए ने 9 वर्षों में 30 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया है।
संस्थान ने आयुर्वेद के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है।
सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने संस्थान की सफलता की सराहना की।
नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं।
संस्थान ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आयुष मंत्रालय के अधीन कार्यरत ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अपने परिसर में संस्थान का 9वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। यह आयोजन आयुर्वेद के क्षेत्र में संस्थान की उत्कृष्टता, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक बना।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा सदस्य रामवीर सिंह बिधूड़ी थे। इस मौके पर प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति, निदेशक, एआईआईए, वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएं और अन्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और धन्वंतरि वंदना के साथ हुई, जिसमें स्वास्थ्य, समृद्धि और कल्याण की कामना की गई।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एआईआईए को आयुर्वेदिक शिक्षा, अनुसंधान और रोगियों की सेवा में नौ वर्षों की सफल यात्रा पूरी करने पर बधाई दी। उन्होंने संस्थान के साथ अपने लंबे संबंधों को याद करते हुए बताया कि जब सुषमा स्वराज और भैरव सिंह शेखावत के साथ इस संस्थान की नींव रखी गई थी, तब वे भी उस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा थे।

उन्होंने कहा कि दिल्ली चारों ओर से बीमारियों से घिरी हुई है, लेकिन ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, नई दिल्ली हर दिन हजारों मरीजों को राहत और नई उम्मीद देता है। यहां आने वाले मरीज चिंतित चेहरों के साथ आते हैं और स्वस्थ मुस्कान लेकर लौटते हैं।

कार्यक्रम के दौरान एआईआईए के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने अपने भाषण में संस्थान की उपलब्धियों और योगदानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में एआईआईए ने न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आयुर्वेद के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने पूर्व निदेशकों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संस्थान को निरंतर प्रगति की दिशा में अग्रसर किया।

निदेशक ने सांसद बिधूड़ी से अनुरोध किया कि अस्पताल के पास एक डिवाइडर का निर्माण करवाया जाए, जिससे मरीजों की आवाजाही और सुगम हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि ‘ओनिडा बस स्टैंड’ का नाम बदलकर ‘एआईआईए बस स्टैंड’ रखा जाए ताकि आमजन को संस्थान तक पहुंचने में सुविधा हो।

एआईआईए ने पिछले नौ वर्षों में आयुर्वेदिक चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्थान ने अब तक 30 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया है और 44 विशिष्ट आयुर्वेदिक क्लीनिकों के माध्यम से विशेष चिकित्सा सेवाएं प्रदान की हैं।

इसके अलावा, देशभर में सात नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। एआईआईए ने 73 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर वैश्विक सहयोग को भी मजबूत किया है।

स्थापना दिवस के अवसर पर सुबह धन्वंतरि वाटिका में हवन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

दिन का समापन एआईआईए के छात्रों और कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ, जिसमें भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा की झलक देखने को मिली।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना कब हुई थी?
ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना 2014 में हुई थी।
यह संस्थान कितने मरीजों का उपचार कर चुका है?
अब तक संस्थान ने 30 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया है।
एआईआईए में कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित होते हैं?
एआईआईए में आयुर्वेदिक चिकित्सा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा से संबंधित कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
क्या एआईआईए ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग किया है?
हाँ, एआईआईए ने 73 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
संस्थान के 9वें स्थापना दिवस पर क्या विशेष आयोजन किए गए?
स्थापना दिवस के अवसर पर हवन समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अतिथियों के संबोधन आयोजित हुए।
राष्ट्र प्रेस
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