क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'ऑपरेशन महादेव' में शामिल सुरक्षाकर्मियों को सम्मानित किया?

सारांश
Key Takeaways
- ऑपरेशन महादेव ने आतंकवादियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया।
- सुरक्षाकर्मियों की बहादुरी को मान्यता दी गई।
- यह ऑपरेशन संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में संपन्न हुआ।
नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के उन जवानों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया, जिन्होंने 'ऑपरेशन महादेव' के तहत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का प्रतिशोध लिया और पाकिस्तानी समर्थित तीनों आतंकवादियों को समाप्त किया।
गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षाकर्मियों की बहादुरी की सराहना की और उन पीड़ित परिवारों के दर्द को कम करने के लिए उनकी प्रशंसा की जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसरन घाटी में छुट्टियों के दौरान इस क्रूर हत्या से स्तब्ध थे।
'ऑपरेशन महादेव' के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने 22 अप्रैल के आतंकी हमले में शामिल सभी आतंकवादियों को खत्म कर दिया। पहलगाम में पर्यटकों को धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया था और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी।
यह ऑपरेशन संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में संपन्न हुआ था। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में इस ऑपरेशन की जानकारी दी। उन्होंने सांसदों को बताया कि सभी जांचों और फॉरेंसिक साक्ष्यों से पुष्टि हुई है कि 'ऑपरेशन महादेव' के तहत मारे गए आतंकवादियों ने ही पहलगाम में एक नेपाली पर्यटक सहित 26 निर्दोष लोगों की हत्या की थी।
इससे पहले दिन में आयोजित विशेष सम्मान समारोह में गृह मंत्री ने सशस्त्र बलों, सीआरपीएफ कमांडो और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को सम्मानित किया।
गृह मंत्री ने सभी सुरक्षाकर्मियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा का सम्मान करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट किए। यह माना जा रहा है कि 'ऑपरेशन महादेव' टीम ने तीन महीने तक चले इस ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें समाप्त करने में आई चुनौतियों और अनुभवों को भी गृह मंत्री के साथ साझा किया।
गृह मंत्री शाह ने जवानों को बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ऑपरेशन महादेव' ने आतंकवादियों और उनके आकाओं को भारतीय नागरिकों की जान लेने वालों के दुष्परिणामों का स्पष्ट संदेश दिया है।