क्या अंजॉ सड़क हादसे में 200 मीटर गहरी खाई से 6 शव बरामद हुए?

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क्या अंजॉ सड़क हादसे में 200 मीटर गहरी खाई से 6 शव बरामद हुए?

सारांश

अंजॉ जिले में एक भयानक सड़क हादसे के बाद बचाव अभियान जारी है। जानें इस हादसे की पूरी कहानी और एनडीआरएफ की तैनाती की वजह। कितने शव बरामद हुए और आगे क्या होगा?

मुख्य बातें

अंजॉ में सड़क हादसे से 22 लोग प्रभावित हुए।
एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हादसे में 200 मीटर गहरी खाई का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।
स्थानीय प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण थी।

ईटानगर, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में हुए एक भयावह सड़क हादसे के बाद चल रहा खोज एवं बचाव अभियान आज दूसरे दिन भी जारी है। यह दुर्घटना 8 दिसंबर को हायुलियांग–मेटेंग्लियांग–चागलागाम (एचएमसी) सड़क पर चागलागाम सर्किल के निकट हुई थी, जब एक मिनी डंपर अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया। इस दुर्घटना के समय चालक सहित कुल 22 लोग वाहन में सवार थे।

इस हादसे की जानकारी 10 दिसंबर की शाम को मिली, जब एकमात्र बचे हुए व्यक्ति ने किसी तरह खाई से बाहर निकलकर पास के एक सेना शिविर तक पहुंचा। वहां सेना के जवानों ने उसे तात्कालिक प्राथमिक उपचार दिया और बाद में उसे बेहतर चिकित्सा के लिए असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, डिब्रूगढ़ में भर्ती कराया। इसके बाद अंजॉ जिला प्रशासन को इस घटना की सूचना दी गई, और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने त्वरित कदम उठाए।

11 दिसंबर की रात करीब 1 बजे डिप्टी कमिश्नर ने 21 लापता लोगों की खोज के लिए एनडीआरएफ की तैनाती का अनुरोध किया। इसके बाद डिब्रूगढ़ स्थित 12वीं एनडीआरएफ बटालियन से एक विशेष टीम को भेजा गया, जो हादसे की जगह से लगभग 300 किलोमीटर दूर थी।

एनडीआरएफ की टीम 11 दिसंबर की सुबह डिब्रूगढ़ से रवाना हुई और शाम तक मेटेंग्लियांग, अंजॉ जिला पहुंची। जिला प्रशासन के साथ समन्वय में टीम ने वहीं रात्रि विश्राम किया।

इस बीच, उसी दिन सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और स्थानीय स्वयंसेवकों ने जिला प्रशासन की निगरानी में खोज अभियान शुरू किया। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त वाहन और कई पीड़ितों का पता लगा लिया, लेकिन खाई की गहराई लगभग 200 मीटर होने के कारण शवों को सड़क तक लाना संभव नहीं हो सका। इसके लिए विशेष रस्सी आधारित रेस्क्यू टीम और अनुभवी पर्वतारोहियों की आवश्यकता थी।

12 दिसंबर की सुबह एनडीआरएफ टीम मेटेंग्लियांग से घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने खाई और क्षेत्र का आकलन किया और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया।

एनडीआरएफ के जवानों ने सड़क से खाई के तल तक रस्सियों के सहारे सुरक्षित पहुंच मार्ग बनाया। लगभग 200 मीटर की सीधी ढलान को पार कर टीम नीचे पहुंची और शवों को एक-एक कर ऊपर लाया गया।

12 दिसंबर की शाम तक कुल 6 शवों को खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया और जिला प्रशासन तथा असम के तिनसुकिया जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नागरिक पुलिस को सौंप दिया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय है। इसके माध्यम से हमें सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के महत्व को समझने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस हादसे में कितने लोग शामिल थे?
इस हादसे में कुल 22 लोग शामिल थे।
एनडीआरएफ का रेस्क्यू कब शुरू हुआ?
एनडीआरएफ का रेस्क्यू 11 दिसंबर को शुरू हुआ।
कितने शवों को बरामद किया गया?
कुल 6 शवों को बरामद किया गया।
हादसे का कारण क्या था?
हादसा मिनी डंपर के अनियंत्रित होने के कारण हुआ।
खोज अभियान में कौन-कौन शामिल था?
खोज अभियान में सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और स्थानीय स्वयंसेवक शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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