क्या अनुपम खेर ने देश की रक्षा में जान गंवाने वाले सैनिकों को याद किया?
सारांश
Key Takeaways
- अनुपम खेर ने सैनिकों के बलिदान को याद किया है।
- मेघना गिरीश की किताब एक मां के दर्द को दर्शाती है।
- समाज को सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
मुंबई, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 500 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। वे अपने फैंस को प्रेरित करने के साथ-साथ जीवन को नए नजरिए से जीने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
हाल ही में उन्होंने देश की रक्षा में जान गंवाने वाले सैनिकों को याद किया है और उन माताओं का दुख भी व्यक्त किया है जिन्होंने अपने जवान बेटों को खोया है।
अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है जिसमें उन्होंने उस मां और परिवार की दृष्टि को दर्शाया है जिन्होंने अपने बेटे को देश के लिए बलिदान कर दिया। अभिनेता ने वीडियो में एक किताब का उल्लेख किया है जो उनकी मित्र मेघना गिरीश द्वारा लिखी गई है। मेघना वही मां हैं जिनके बेटे अक्षय गिरीश ने आर्मी में सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। अब मेघना ने 'फाइंडिंग न्यू मीनिंग' नाम की किताब लिखी है, जिसमें उनके बेटे के बलिदान और उनके जीवन में आए खालीपन के बारे में लिखा गया है।
अभिनेता अनुपम खेर किताब के बारे में काफी भावुक दिखाई दिए और उन्होंने अपने फैंस से अपील की कि वे इस किताब को अधिक से अधिक खरीदें और एक मां के जीवन में आए खालीपन और उदासी को समझें। उन्होंने कैप्शन में लिखा, "जब कोई सिपाही अपने देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर देता है, तो देश एक शहीद को खो देता है! लेकिन कोई न कोई अपना बेटा, भाई, पिता, पति या दोस्त भी खो देता है! दुनिया में कोई भी चीज़ उस क्षति की भरपाई नहीं कर सकती!"
उन्होंने आगे कहा, "मेघना गिरीश को सलाम, जिन्होंने अपने बेटे मेजर अक्षय गिरीश को युद्ध में खोने के असहनीय दर्द को बयान करते हुए एक मां के रूप में अपनी कहानी लिखी है। हम उनके अकेलेपन को दूर नहीं कर सकते, लेकिन उनके दुख को बांटने की कोशिश कर सकते हैं।"
गौरतलब है कि अनुपम खेर स्वयं एक लेखक भी हैं और उन्होंने अब तक चार किताबें लिखी हैं, जो जीवन जीने के नए तरीकों और दृष्टिकोणों पर आधारित हैं। उनकी किताब "लेसन्स लाइफ टॉट मी अननोइंगली" बेस्ट सेलर बन चुकी है।