महाराष्ट्र में रबी 'ई-पिक पाहणी' की समय सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने का ऐलान

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महाराष्ट्र में रबी 'ई-पिक पाहणी' की समय सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने का ऐलान

सारांश

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने रबी फसल के लिए 'ई-पीक पाहणी' की समय सीमा बढ़ाने की जानकारी दी है। यह कदम फसल बीमा सहित सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • ई-पिक पाहणी की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ाई गई है।
  • रबी फसलों के लिए पंजीकरण का प्रतिशत 55.69%25 है।
  • इस प्रक्रिया में 45%25 किसान अभी भी शामिल नहीं हैं।
  • फसल बीमा के लाभ के लिए ई-पिक पाहणी अनिवार्य है।
  • सरकार ने पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कदम उठाए हैं।

मुंबई, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि 2025-26 के रबी मौसम के लिए 'ई-पीक पाहणी' (इलेक्ट्रॉनिक फसल निरीक्षण) की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।

उन्होंने बताया कि सहायक स्तर पर ई-पिक पाहणी के लिए पंजीकरण 25 जनवरी 2026 से आरंभ किया गया था, लेकिन अब तक रबी फसलों के केवल 55.69 प्रतिशत पंजीकरण ही पूर्ण हुए हैं। लगभग 45 प्रतिशत किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि इसलिए सरकार ने पूर्ण पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए समय सीमा को बढ़ा दिया है, क्योंकि फसल बीमा सहित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ई-पिक पाहणी अनिवार्य है।

बावनकुले ने सदन को सूचित किया कि प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि बंदोबस्त आयुक्त और कृषि आयुक्त के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से 'एग्रीस्टैक' में डेटा के पंजीकरण में तेजी लाई जाए।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फसलों के निरीक्षण के सत्यापन को सटीक और समय पर सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस बीच, सहकारिता राज्य मंत्री पंकज भोयर ने कहा कि राज्य सरकार श्रम सहकारी समितियों की परियोजनाओं के लिए महिला सहकारी समितियों को प्राथमिकता देने के प्रति सकारात्मक है।

उन्होंने बताया कि पूरे महाराष्ट्र में विभिन्न एजेंसियां श्रम अनुबंध सहकारी समितियों को परियोजनाएं सौंपती हैं, जिनमें 10 लाख रुपए से कम मूल्य के कार्य, ई-निविदा (ई-टेंडरिंग) के माध्यम से प्राप्त परियोजनाएं और जिला परिषद अधिकारियों द्वारा आवंटित कार्य शामिल हैं।

मंत्रालय में आयोजित एक बैठक में उन्होंने कहा कि यद्यपि कई सरकारी एजेंसियां ई-निविदा के माध्यम से श्रम सहकारी समितियों को परियोजनाएं आवंटित करती हैं, लेकिन सहकारिता विभाग के पास वर्तमान में इस जानकारी को ट्रैक करने के लिए कोई केंद्रीकृत प्रणाली नहीं है।

डॉ. भोयर ने निर्देश दिया कि ई-निविदाओं और जिला परिषदों के माध्यम से आवंटित कार्यों का डेटा जिला उप-पंजीयक स्तर पर संकलित किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल विकसित करने का निर्देश दिया और एक ऐसी व्यवस्था का सुझाव दिया जिसके तहत परियोजनाओं के भुगतान तब तक संसाधित नहीं किए जाएंगे जब तक कि संबंधित विभाग इस पोर्टल पर कार्य को दर्ज नहीं कर लेता।

मंत्री के अनुसार, विभिन्न विभागों द्वारा श्रम सहकारी समितियों को आवंटित परियोजनाओं की देखरेख के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।

इस समिति को यह कार्य सौंपा गया है कि वह इन श्रम कार्यों के लिए महिला सहकारी समितियों को प्राथमिकता देने के संबंध में जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

इसकी सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Point of View

NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

ई-पिक पाहणी क्या है?
ई-पिक पाहणी एक इलेक्ट्रॉनिक फसल निरीक्षण प्रक्रिया है जो किसानों को फसल बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करती है।
समय सीमा बढ़ाने का कारण क्या है?
समय सीमा बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य अधिक किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करना और सरकारी लाभ सुनिश्चित करना है।
पंजीकरण का प्रतिशत कितना है?
अब तक रबी फसलों के केवल 55.69 प्रतिशत पंजीकरण ही पूर्ण हुए हैं।
किसान इस प्रक्रिया से कैसे जुड़ सकते हैं?
किसान ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से ई-पिक पाहणी के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
सरकार का अगला कदम क्या होगा?
सरकार विभिन्न विभागों द्वारा श्रम सहकारी समितियों को आवंटित परियोजनाओं की देखरेख के लिए एक समिति का गठन करेगी।
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