महाराष्ट्र सरकार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है: मंत्री जयकुमार रावल
सारांश
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पुणे, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने शनिवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इसके लिए बाजार तक पहुंच और आय में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों पर कार्य चल रहा है।
पुणे के मार्केट यार्ड में 'मैंगो फेस्टिवल-2026' का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने किसानों को बेहतर सुविधाएं और विस्तृत बाजार पहुंच देने के लिए इस महोत्सव को मुंबई और नई दिल्ली तक फैलाने की योजनाओं का खुलासा किया।
यह कार्यक्रम महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एमएसएएमबी) द्वारा पुणे जिला परिषद के सहयोग से आयोजित किया गया था।
मंत्री रावल ने उपभोक्ताओं तक सीधी बिक्री की अवधारणा पर जोर दिया। यह प्रयास, जो 2001 में देवगढ़ तालुका आम उत्पादक सहकारी समिति और 'महामांगो' के माध्यम से शुरू हुआ था, अब एक विशाल आंदोलन में परिवर्तित हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष आम महोत्सव की रजत जयंती (25वां वर्ष) मना रहा है। यह महोत्सव लगभग 40 दिनों तक चलेगा और इसमें 60 स्टॉल होंगे, जिनमें से प्रत्येक स्टॉल पर दो किसान अपनी दुकानें लगाएंगे। स्टॉलों की संख्या बढ़ाकर 150 करने की योजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों और शहरी उपभोक्ताओं के बीच दीर्घकालिक संबंध स्थापित करती है और बिचौलियों को समाप्त करती है।
यह महोत्सव कोंकण के पांच जिलों में जीआई-टैग (भौगोलिक संकेत) प्राप्त अल्फोंसो आमों के साथ-साथ केसर, पैरी और अन्य किस्मों को प्रदर्शित करता है। मंत्री रावल ने कहा कि जीआई टैग अल्फोंसो आम की प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है, उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाता है, और किसानों को उनका उचित श्रेय दिलाता है।
आधुनिकीकरण के दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए मंत्री रावल ने बताया कि सरकार ने प्रत्येक फल को डिजिटल पहचान देने के लिए क्यूआर कोड और 'नो यॉर फॉर्मर' (केवाईएफ) योजना शुरू की है, जो उपभोक्ताओं को उनके फल के स्रोत की सीधी जानकारी प्रदान करती है। इससे उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि त्योहार का व्यापक प्रचार करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए सोशल मीडिया मार्केटिंग की गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में विपणन बोर्ड ने मिलेट्स, संतरे, काजू और किशमिश के लिए विभिन्न त्योहारों का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि इन पहलों में किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीओ), सहकारी समितियां और महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) शामिल हैं।