कृषि महोत्सव: बीज से बाजार और प्रयोगशाला से खेत तक किसानों के लिए नया मार्गदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय कृषि महोत्सव का आयोजन 11-13 अप्रैल को होगा।
- किसान नई तकनीकों और संसाधनों से लाभ उठा सकेंगे।
- प्रमुख राजनीतिक हस्तियों का योगदान रहेगा।
- किसानों के लिए प्रशिक्षण सत्र और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
- यह महोत्सव खेती में बदलाव लाने का अवसर है।
रायसेन/नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में रायसेन के दशहरा मैदान में 11 से 13 अप्रैल तक एक राष्ट्रीय स्तर का उन्नत कृषि महोत्सव–प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव का उद्देश्य देश के किसानों को ‘प्रयोगशाला से खेत तक’ और ‘बीज से बाजार तक’ की संपूर्ण यात्रा एक ही स्थान पर प्रदर्शित करना है, जिससे विकास की दिशा में कदम बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह केवल एक मेला नहीं है, बल्कि तीन दिनों का ऐसा कृषि महाकुंभ है जो किसानों की तकदीर बदलने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। उद्घाटन सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह किसानों को प्रोत्साहित करेंगे, जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी क्षेत्र के लिए एक समग्र कृषि रोडमैप की घोषणा करेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस आयोजन पर चर्चा करने के लिए क्षेत्र के प्रबुद्धजनों, प्रगतिशील किसानों और जन प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय स्तर का कृषि महोत्सव खेती-किसानी में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने में सहायक साबित होगा। दशहरा मैदान, रायसेन में लगने वाले इस विशाल कृषि मेले में नई खेती की तकनीकों, उन्नत बीज, ड्रोन, आधुनिक मशीनों, सूक्ष्म सिंचाई, पशुपालन, मत्स्यपालन, प्रसंस्करण, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और ग्रामीण आजीविका के सैकड़ों स्टॉल होंगे, जहाँ किसान ना केवल देखेंगे बल्कि सीखेंगे और तुरंत लाभ उठाने के तरीके भी जानेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि समापन सत्र में रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के एग्रो-क्लाइमेटिक कृषि जलवायु क्षेत्र के लिए विशेष कृषि रोडमैप पेश किया जाएगा। इसमें उत्पादन बढ़ाने और बाजार तक पहुँच को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि लगभग तीन सौ स्टॉलों वाली यह प्रदर्शनी खेती के हर चरण को कवर करेगी, जिसमें इनपुट से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक के समाधान उपलब्ध होंगे। इसमें कृषि, बागवानी, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि मशीनरी, उर्वरक, कीटनाशक, बीज कंपनियां, डिजिटल कृषि, फसल बीमा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), राज्य कृषि विश्वविद्यालय (एसएयू), कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), पशुपालन, मत्स्य, ग्रामीण विकास, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसएमई), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड), एफपीओ और स्टार्ट-अप्स की सक्रिय भागीदारी होगी।
किसानों के लिए विषयवार सेमिनार, प्रशिक्षण सत्र, लाइव डेमो, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रगतिशील किसानों के अनुभव साझा करने के कार्यक्रम भी होंगे। इससे “खेती का गेम चेंजर- राष्ट्रीय कृषि मेला, रायसेन” का संदेश जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मेले में अलग-अलग हॉल में तीनों दिन लगातार सेमिनार और प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे। इनमें फसल कटाई के बाद प्रबंधन, दलहन और तिलहन उत्पादकता वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट प्रबंधन, बीज प्रणाली, फसल बीमा, एआई आधारित डिजिटल कृषि, हाइड्रोपोनिक्स, सटीक खेती और ऊर्ध्वाधर खेती जैसे विषय शामिल हैं। फील्ड में लाइव डेमो के जरिए सूक्ष्म सिंचाई की आधुनिक तकनीकें और मशीनें किसानों को दिखायी जाएँगी।
आईसीएआर द्वारा मृदा परीक्षण की मोबाइल मिनी-लैब, समेकित कृषि प्रणाली, प्राकृतिक खेती के लाइव मॉडल, डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, तथा मत्स्य पालन की यूनिट, मोबाइल वेटरनरी यूनिट, बीज मिनीकिट वितरण, फसल बीमा, और किसानों की शिकायत एवं परामर्श के लिए हेल्पडेस्क की व्यवस्था रहेगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार, देशभर से प्रगतिशील किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों, कृषि-सेविकाओं, ड्रोन दीदियों, एफपीओ प्रतिनिधियों और ग्रामीण उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है। वे अपने अनुभव साझा करेंगे जिससे अन्य किसान प्रेरित हो सकें। 13 अप्रैल को केवीके सम्मेलन, एफपीओ मीट, बीज और तकनीक पर विशेष सत्र तथा किसान-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रमों में क्षेत्र विशेष की जरूरतों के अनुसार स्थानीय समाधान तैयार किए जाएंगे।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि समापन सत्र में रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के जिलों के लिए एक समग्र कृषि रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें फसल विविधीकरण, जल-सरंक्षण, सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार, एकीकृत खेती, पशुपालन, प्रसंस्करण इकाइयाँ, एफपीओ और बाजार लिंकेज को बढ़ाने के ठोस लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इस रोडमैप में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, एआई-आधारित सेवाएं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, फसल बीमा और सस्ती ऋण सुविधा का समावेश होगा।
शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव केवल तीन दिनों का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के क्षेत्रों की खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने की दीर्घकालिक शुरुआत होगा। इसमें हर किसान की सक्रिय भागीदारी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत होगी और यही ‘खेती का गेम चेंजर राष्ट्रीय कृषि मेला’ होने का वास्तविक प्रमाण होगा।