शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में आयोजित कृषि मेले की दी जानकारी: किसानों के लिए नई दिशा

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शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में आयोजित कृषि मेले की दी जानकारी: किसानों के लिए नई दिशा

सारांश

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में होने वाले राष्ट्रीय कृषि मेले की जानकारी साझा की। यह मेला किसानों के लिए आमदनी बढ़ाने और नई तकनीक अपनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस मेले में किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ और प्रशिक्षण दिए जाएंगे।

Key Takeaways

  • कृषि मेला रायसेन में ११, १२ और १३ अप्रैल को आयोजित होगा।
  • किसानों को नई तकनीक और जानकारी मिलेगी।
  • इंटीग्रेटेड फार्मिंग का मॉडल दिखाया जाएगा।
  • अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
  • किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए यह मेला महत्वपूर्ण होगा।

भोपाल, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायसेन में राममंदिर जाकर दर्शन-पूजन किया और देशवासियों को नवरात्रि के पावन पर्व पर अष्टमी व रामनवमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने प्रभु श्रीराम से सभी देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसी दौरान, शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के किसान मेले की पूर्वभूमि पूजन करते हुए तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि, भारत का सबसे बड़ा कृषि मेला रायसेन में लगाया जाएगा। यह मेला अद्भुत और अभूतपूर्व होगा, जो किसानों की आमदनी को बढ़ाएगा और खेती को नई दिशा प्रदान करेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि रायसेन की पवित्र भूमि पर ११, १२ और १३ अप्रैल को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कृषि मेला आयोजित होने जा रहा है। यह कोई साधारण मेला नहीं है, बल्कि यह मेरी अंतरात्मा से निकला हुआ कार्यक्रम है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘कृषक वर्ष’ की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में साल भर ऐसी गतिविधियां चलेंगी, जिनसे खेती की आमदनी बढ़ाने के रास्ते मजबूत होंगे। भारत सरकार ने भी इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। हमारा लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश के किसानों की आय बढ़े और देश के किसानों की भी आय में वृद्धि हो। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि रायसेन और विदिशा संसदीय क्षेत्र के किसानों तक सही जानकारी और नई तकनीक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। वैज्ञानिकों की एक टीम विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों की एग्रो-क्लाइमेटिक कंडीशंस, जलवायु और मिट्टी का अध्ययन कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहां के किसानों के लिए कौन-सी फसलें और तकनीक सबसे बेहतर रहेंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन जिलों के लिए तैयार किया जा रहा कृषि रोडमैप भी इसी राष्ट्रीय कृषि मेले के दौरान जारी किया जाएगा। यह कृषि मेला किसानों को नई जानकारी, तकनीक और बेहतर खेती के रास्ते दिखाने में मील का पत्थर साबित होगा।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि रायसेन में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय कृषि मेला केवल औपचारिक उद्घाटन और समापन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें किसानों को खेती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। मेले में किसानों को उत्तम बीजों की पहचान, आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसलों में रोग लगने पर उपचार, असली और नकली खाद की पहचान, और पेस्टीसाइड के सही उपयोग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा, फसल कटाई के बाद सुरक्षित भंडारण, वैल्यू एडिशन, कच्चे माल की प्रोसेसिंग और बाजार तक बेहतर तरीके से बिक्री के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां किसानों को लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन भी दिखाए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने कहा कि मेले में इंटीग्रेटेड फार्मिंग, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, पर ड्रॉप मोर क्रॉप तकनीक समेत कई आधुनिक कृषि विषयों पर अलग-अलग प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। किसानों की अलग-अलग रुचि और जरूरतों के अनुसार यहां सत्र आयोजित होंगे, ताकि उन्हें खेती में नई तकनीक और बेहतर आय के रास्तों की जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि, इस मेले में बीज, मशीनीकरण, बागवानी, कृषि स्टार्ट-अप्स, फसलोपरांत प्रबंधन, भंडारण, प्रोसेसिंग और फसलों में रोग प्रबंधन जैसे विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही यह भी बताया जाएगा कि किसान अपने खेती के खर्चे कैसे कम कर सकते हैं और मॉडर्न एवं स्मार्ट एग्रीकल्चर को कैसे अपनाएं।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्ट-अप्स किसानों के सामने अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे, जिससे किसानों को नई सोच और प्रेरणा मिलेगी। किसानों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष जोर रहेगा। वर्कशॉप, सेमिनार और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का पूरा टाइम-टेबल तैयार किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि, मेले का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इंटीग्रेटेड फार्मिंग का मॉडल होगा। केवल गेहूं और चावल से किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं होगा। यदि किसी किसान के पास ढाई एकड़ जमीन है, तो वह उसी जमीन पर फल-सब्जी की खेती, पशुपालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन या मछली पालन जैसे कार्य जोड़कर अधिक मुनाफा कैसे कमा सकता है, इसका प्रेजेंटेशन और लाइव डेमो भी यहां प्रदान किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश और दुनिया में विकसित हो रही नई-नई कृषि मशीनों का भी प्रदर्शन होगा। इन मशीनों से किसानों का खर्चा कम हो सकता है और उत्पादन बढ़ सकता है। यहां किसान देख सकेंगे कि कौन-सी मशीन कैसे काम करती है और उसका उपयोग कैसे किया जा सकता है। मेले में किसानों को नकली खाद और पेस्टीसाइड की पहचान करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे।

Point of View

बल्कि किसानों को नई जानकारियाँ और प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा। यह पहल निश्चित रूप से मध्य प्रदेश के किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी।
NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

कृषि मेला कब आयोजित होगा?
राष्ट्रीय कृषि मेला रायसेन में ११, १२ और १३ अप्रैल को आयोजित होगा।
इस मेले में किसानों को क्या जानकारी मिलेगी?
किसानों को उत्तम बीजों, आधुनिक कृषि पद्धतियों और फसलों में रोग प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
क्या मेले में प्रशिक्षण सत्र होंगे?
हाँ, मेले में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
किसानों के लिए क्या विशेष आकर्षण होगा?
इंटीग्रेटेड फार्मिंग का मॉडल और नई कृषि मशीनों का प्रदर्शन किसानों के लिए विशेष आकर्षण होगा।
क्या यह मेला केवल औपचारिक उद्घाटन तक सीमित रहेगा?
नहीं, यह मेला किसानों को खेती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करेगा।
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