आरा में विजयादशमी की रात होमगार्ड के बेटे को गोली, पुरानी हत्या के बदले में हमले की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत मौलाबाग इलाके में विजयादशमी की रात हथियारबंद बदमाशों ने एक युवक पर गोलीबारी की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान होमगार्ड संजय यादव के 33 वर्षीय पुत्र अमरजीत कुमार यादव के रूप में हुई है, जो नगर निगम में चालक के पद पर कार्यरत है। पुलिस के अनुसार घायल ने बयान में यह हमला 2 मार्च 2026 को हुई एक हत्या के प्रतिशोध में किए जाने की बात कही है।
घटना का घटनाक्रम
पुलिस को मिली सूचना के अनुसार, मंगलवार की रात अमरजीत कुमार यादव अपनी बाइक से डीके कार्मेल स्कूल के समीप से गुज़र रहे थे, जब स्पलेंडर बाइक पर सवार दो हथियारबंद बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली उनके सिर के पास से निकल गई, जबकि दूसरी गोली दाहिने कंधे के निकट जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार तत्काल सदर अस्पताल पहुँचे और घायल युवक से पूरी घटना का विस्तृत ब्यौरा लिया। अस्पताल में भर्ती अमरजीत की हालत चिकित्सकों की निगरानी में बताई जा रही है।
पुरानी रंजिश की पृष्ठभूमि
घायल अमरजीत कुमार ने पुलिस को बताया कि 2 मार्च 2026 को बिहिया थाना क्षेत्र के झौआ गाँव निवासी स्व. शत्रुघ्न सिंह के 17 वर्षीय पुत्र आदर्श कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में अमरजीत तथा उनके दोनों भाइयों — नवनीत यादव उर्फ लोहा यादव एवं मंजीत यादव — को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।
अमरजीत का कहना है कि उनका उस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं था और उन्हें झूठे मुकदमे में फँसाया गया। उनके भाई लोहा यादव उस मामले में फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। घायल के अनुसार, उस हत्याकांड के बाद से ही उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि घायल अमरजीत ने दो संदिग्धों के नाम बताए हैं और पुलिस की विशेष टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस इस पूरे मामले को पुरानी रंजिश से जोड़कर देख रही है, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि जाँच के बाद ही होगी।
गौरतलब है कि यह घटना उस समय हुई जब पूरा शहर विजयादशमी के उत्सव में डूबा हुआ था और सुरक्षा बलों की तैनाती मेलों तथा जुलूसों में लगी हुई थी।
आम जनता और परिजनों पर असर
मौलाबाग इलाके के निवासियों में इस घटना के बाद भय और असुरक्षा का माहौल है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें पहले से ही धमकियाँ मिल रही थीं, बावजूद इसके उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली। पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया है।
आगे क्या
पुलिस टीमें संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। इस मामले में आदर्श कुमार हत्याकांड और वर्तमान हमले के बीच की कड़ी को जाँच का केंद्र बनाया जाएगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हमला संगठित प्रतिशोध का हिस्सा है या किसी अन्य विवाद का नतीजा।