क्या असम दिवस पर अमित शाह ने राज्य के विकास के लिए समर्थन दिया?

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क्या असम दिवस पर अमित शाह ने राज्य के विकास के लिए समर्थन दिया?

सारांश

असम दिवस पर अमित शाह ने असम के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मोदी सरकार के तहत पिछले नौ वर्षों में असम में शांति और विकास की दिशा में किए गए प्रयासों की चर्चा की। क्या यह विकास भविष्य में भी जारी रहेगा?

मुख्य बातें

असम दिवस हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है।
अमित शाह ने असम के विकास के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
असम में पिछले नौ वर्षों में शांति और स्थिरता आई है।
सुकाफा का योगदान असम के इतिहास में महत्वपूर्ण है।
असम दिवस समारोह में पारंपरिक संगीत और नृत्य का आयोजन होता है।

नई दिल्ली, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को असम के निवासियों को असम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने पिछले नौ वर्षों में राज्य में शांति और स्थिरता को बढ़ावा दिया है, जिससे यह विकास और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।

उन्होंने भविष्य में इस विकास को बनाए रखने के लिए सरकार के वादे को दोहराया। अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, “असम के हमारे बहनों और भाइयों को असम दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन अहोम युग की गरिमा को याद करता है और असम की समृद्ध संस्कृति की रक्षा के प्रति हमारे वचन को मजबूत करता है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है।”

उन्होंने कहा, “पिछले 9 वर्षों में मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने शांति का दौर शुरू किया है, असम को विकास और शिक्षा का हब बनाया है और इस कार्यक्रम को निरंतर जारी रखने का पक्का इरादा किया है। यह दिन हमारी एकता के बंधन को और मजबूत करे और हमारी संस्कृति के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा करे।”

असम दिवस, जो हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है, असम में एक क्षेत्रीय सार्वजनिक अवकाश है। यह दिन अहोम किंगडम के संस्थापक और पहले राजा चाओलुंग सुकाफा के आगमन की याद में मनाया जाता है। आज असम में 3 करोड़ से अधिक लोग निवास करते हैं और असम दिवस इसकी संस्कृति और ऐतिहासिक जड़ों की एक महत्वपूर्ण याद दिलाता है।

सुकाफा ने छह सदियों तक शासन किया और उन्हें असम के इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है। उनके शासन में अहोम राजवंश ने न केवल मुगल साम्राज्य जैसी बड़ी शक्तियों का सामना किया, बल्कि एक एकीकृत प्रशासनिक और सांस्कृतिक पहचान की नींव भी रखी। असम के आदिवासी समुदायों के प्रति उनके सम्मानजनक रवैये ने उन्हें सराहना दिलाई, जिससे उन्होंने एक मजबूत और समावेशी राज्य बनाने में मदद की।

असम दिवस समारोह राज्य की जीवंत विरासत को प्रदर्शित करते हैं। दिन की शुरुआत पारंपरिक संगीत और बगुरुम्बा, बिहू और भोरताल जैसे स्थानीय नृत्यों से होती है। सुकाफा के योगदान का सम्मान करने और असम की एकता और विविधता का जश्न मनाने के लिए पूरे राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरस्कार समारोह और बड़े जुलूस का आयोजन किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम दिवस कब मनाया जाता है?
असम दिवस हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है।
असम दिवस का महत्व क्या है?
यह दिन अहोम किंगडम के संस्थापक चाओलुंग सुकाफा के आगमन की याद में मनाया जाता है।
अमित शाह ने असम के लोगों को क्या संदेश दिया?
अमित शाह ने असम के लोगों को शुभकामनाएं दीं और राज्य में शांति और विकास की दिशा में सरकार के प्रयासों को बताया।
असम के विकास में क्या विशेषताएँ हैं?
असम ने पिछले नौ वर्षों में शांति और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनने का प्रयास किया है।
असम दिवस समारोह कैसे मनाए जाते हैं?
असम दिवस समारोह में पारंपरिक संगीत, नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े जुलूस शामिल होते हैं।
राष्ट्र प्रेस