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क्या असम राइफल्स ने एनएससीएन-के द्वारा अपहृत दो मजदूरों को सुरक्षित बचाया?

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क्या असम राइफल्स ने एनएससीएन-के द्वारा अपहृत दो मजदूरों को सुरक्षित बचाया?

सारांश

असम राइफल्स ने एक सफल ऑपरेशन के तहत एनएससीएन-के द्वारा अपहृत दो मजदूरों को सुरक्षित रूप से बचाया। जानिए कैसे हुआ यह अद्भुत अभियान और इसके पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

असम राइफल्स ने एक सफल बचाव अभियान चलाया।
अपहृत मजदूरों को सुरक्षित रूप से बचाया गया।
सुरक्षा बलों ने पेशेवराना तरीके से जवाबी कार्रवाई की।
बचाए गए लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
सरकार ने एनएससीएन-के पर प्रतिबंध बढ़ाया।

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। असम राइफल्स ने सेना के स्पीयर कोर की अगुवाई में अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले में एक तेज़ और समन्वित अभियान चलाया। इसमें उन्होंने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-खापलांग (एनएससीएन-के) के कब्जे से दो अपहृत मजदूरों को सुरक्षित रूप से बचा लिया। रक्षा अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को तिरप जिले के दादम सर्कल के लाहो गांव में एक निर्माण स्थल से एनएससीएन-के के सशस्त्र कैडरों ने दो मजदूरों का अपहरण कर लिया।

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर असम राइफल्स की टुकड़ियों को तुरंत भेजा गया और निआनु क्षेत्र में अपहृत मजदूरों को खोजने और अपराधियों को पकड़ने के लिए एक समन्वित खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि खोज अभियान के दौरान उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

सुरक्षा बलों ने संयम और पेशेवराना तरीके से जवाबी कार्रवाई की, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और कोई अतिरिक्त नुकसान न हो। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक मजदूरों को बचा लिया, जो उनके पेशेवर रवैये और संयम को दर्शाता है।

असम राइफल्स के जवानों की समय पर की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोनों मजदूरों को बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक बचा लिया गया तथा क्षेत्र में गुट द्वारा की जाने वाली आगे की विध्वंसकारी कार्रवाइयों को रोका गया।

बचाए गए लोगों को चिकित्सा जांच और सहायता के लिए खोंसा लाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी और सैनिटाइजेशन अभियान जारी है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने एनएससीएन-के, उसके सभी गुटों, शाखाओं और अग्रिम संगठनों पर भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक गतिविधियों में संलिप्तता के कारण लगाए गए प्रतिबंध को पांच साल के लिए बढ़ा दिया था।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, एनएससीएन-के ने भारतीय संघ से अलग होकर भारत-म्यांमार क्षेत्र के नागा बहुल क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक संप्रभु नागालैंड बनाने का अपना लक्ष्य घोषित किया है और उल्फा-आई जैसे अन्य गैरकानूनी संगठनों के साथ गठबंधन किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताती है कि हमारी सुरक्षा बलें किसी भी संकट में आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति कितनी सजग हैं। यह कदम सरकार की सुरक्षा नीति के प्रति सख्ती और प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम राइफल्स ने किस क्षेत्र में ऑपरेशन चलाया?
असम राइफल्स ने अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले में ऑपरेशन चलाया।
एनएससीएन-के क्या है?
एनएससीएन-के, नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-खापलांग का एक गुट है जो भारत की संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त है।
बचाए गए मजदूरों का क्या हुआ?
बचाए गए मजदूरों को चिकित्सा जांच और सहायता के लिए खोंसा लाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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